मुकदमें के बोझ को कम करने में लोक अदालत ने निभाई सक्रिय भूमिका: बाबू प्रसाद

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हरदोई। अदालतों में मुकदमों का अम्बार लगा हुआ है। बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने में लोक अदालतों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। वृहद लोक अदालत का आयोजन 11 दिसंबर को किया जा रहा है। यह जानकारी फोरम के अध्यक्ष ने दी है। लोक अदालतों के बारे में समय-समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण …

हरदोई। अदालतों में मुकदमों का अम्बार लगा हुआ है। बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने में लोक अदालतों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। वृहद लोक अदालत का आयोजन 11 दिसंबर को किया जा रहा है। यह जानकारी फोरम के अध्यक्ष ने दी है। लोक अदालतों के बारे में समय-समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विभिन्न जागरूकता शिविरों का आयोजन करके आमजनता को जागरूक करने में भी भूमिका निभाई।

इन सबके बाबजूद भी हमें भी सजग रहने की आवश्यकता है। तभी हम लोगों को लोक अदालत का फायदा पहुँचा सकेंगे तथा आमजनता को लोक अदालत का लाभ मिल सकेगा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष बाबू प्रसाद ने एक विशेष भेंट वार्ता में उक्त विचार व्यक्त किये। फोरम के अध्यक्ष बाबू प्रसाद ने कहा कि अगले माह की 11 तारीख को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होना है।

इस लोक अदालत में पक्षकारों की आपसी रजामंदी के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि लोक अदालत में निपटाए गए मुकदमों के निर्णयों के खिलाफ अपील नहीं होती है क्योंकि यह निर्णय अंतिम होते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में आपसी रजामंदी से मुकदमों का निपटारा होने से किसी भी पक्ष की न हार होती है और न ही जीत होती है बल्कि यह निर्णय दोनों पक्षों पर समान रूप से बाध्यकारी होता है।

उन्होंने कहा कि जिन पक्षकारों के मामले फोरम में विचाराधीन चल रहे हैं और वे अपने मामलों का निपटारा सुलह समझौता के आधार पर करना चाहते हैं ऐसे पक्षकार स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से फोरम को किसी कार्य दिवस में सूचित अवश्य कर दें ताकि उनके मामले का निपटारा आने वाली लोक अदालत में हो सके। फोरम अध्यक्ष ने कहा कि लोक अदालत की सफलता में अधिवक्ताओं के सहयोग की बहुत जरूरत होती है क्योंकि बिना अधिवक्ताओं के सहयोग के न्याय रूपी रथ का समान रूप से गतिमान रहना सम्भव नहीं है।

यह भी पढ़ें:-हरदोई: पत्नी व अबोध बेटी की हत्या कर सर्राफा व्यापारी ने लगाई फांसी, जानें वजह?

संबंधित समाचार