लखनऊ: बैकफुट पर आया पायनियर माण्टेसरी स्कूल, गरीब बच्चों को प्रवेश देने लिए हुआ तैयार
लखनऊ। राजधानी में बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) का माखौल उड़ा रहे पायनियर माण्टेसरी स्कूल समते कई निजी स्कूल प्रबंधन जिलाधिकारी और मंडालायुक्त के दखल के बिना प्रवेश लेने को तैयार नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण जानकीपुरम स्थित पायनियर मॉण्टेसरी स्कूल में देखने को मिला। आरटीई के तहत चयनित बच्चों का प्रवेश न लेने …
लखनऊ। राजधानी में बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) का माखौल उड़ा रहे पायनियर माण्टेसरी स्कूल समते कई निजी स्कूल प्रबंधन जिलाधिकारी और मंडालायुक्त के दखल के बिना प्रवेश लेने को तैयार नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण जानकीपुरम स्थित पायनियर मॉण्टेसरी स्कूल में देखने को मिला। आरटीई के तहत चयनित बच्चों का प्रवेश न लेने पर जब प्रबंधन के खिलाफ मंडलायुक्त रंजन कुमार ने बीते मंगलवार को आदेश जारी कर दिया तो बुधवार को स्कूल बच्चों का प्रवेश लेने के लिए तैयार हो गया।
साथ ही पायनियर माण्टेसरी स्कूल प्रबंधन की ओर से मंडलायुक्त को आश्वस्त किया गया कि अब आरटीई अधिनियम का उल्लघंन नहीं होगा। ऐसे मे सवाल यह उठता है कि क्या जब जिलाधिकारी और मंडलायुक्त एफआईआर का आदेश जारी करेंगे तब निजी विद्यालय सुधरेंगे। बता दें कि इस बार राजधानी में 12 हजार 770 बच्चों का चयन हुआ है, निजी विद्यालय प्रवेश लेने से लगातार कतरा रहे हैं।
मंडलायुक्त हुए सख्त, बुलाई बैठक, कार्रवाई के आदेश
मण्डलायुक्त रंजन कुमार ने बुधवार को अपने कार्यलय पर आरटीई के मुद्दों को लेकर बैठक की। इस दौरान निजी स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि आरटीई के तहत पात्र गरीब बच्चों के प्रवेश में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मंडलायुक्त ने बीएसए विजय प्रताप सिंह और डीआईओएस डॉ अमरकांत सिंह को आदेश दिया कि प्रवेश न देने वाले स्कूलों की सूची उपलब्ध करायें। वहीं
इन स्कूलों की एनओसी रद्द करने की तैयारी बीएसए ने संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक (जेडी) को पत्र लिखकर 35 स्कूलों की सूची सौंपी थी उस पर भी जेडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसमें सिटी मांटेसरी, संस्कार पब्लिक स्कूल , शिशु विद्यापीठ , सेंट एग्निस पब्लिक स्कूल , सनशाइन पब्लिक स्कूल , न्यू पब्लिक स्कूल पवनपुरी, सेंट हेनरी इंटर व कॉलेज , ब्राइट लैंड इंटर कॉलेज , डायमंड पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल , लॉर्ड मेहर स्कूल , माउंट मैरी इंटर कॉलेज , न्यू एरा गर्ल्स इंटर कॉलेज , लखनऊ पब्लिक स्कूल , , बेबी मार्टिन इंटर कॉलेज , माउंट मैरी इंटर कॉलेज , विज्ञान मांटेसरी स्कूल , ग्रीन वैली स्कूल , गुरुकुल एकेडमी ,सेंट जोसेफ स्कूल, राज कुमार एकेडमी (मेंहदीगंज, आलमनगर), हैप्पी आवर्स सराय माली खान, बाल विद्या मंदिर चारबाग समेत कुछ अन्य स्कूल शामिल हैं।
इस नियम के तहत रद्द हो सकती है एनओसी
प्रदेश के किसी भी जिले में अगर कोई भी विद्यालय सीबीएसई या आईसीएसई बोर्ड से मान्यता लेकर शिक्षण कार्य करता है, तो वहां के प्रबंधक को सबसे पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य है, एनओसी देते समय इस बात का स्पष्ट उल्लेख होता है कि अगर संस्थान प्रतिबंधों का पालन करने में लापरवाही करता है तो इसे वापस ले लिया जायेगा।
जो भी विद्यालय मनमानी कर रहे हैं उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गये हैं, बीएसए और डीआईओएस पूरे मामले की गहनता से जांच करे और दोषी प्रबंधन पर कार्रवाई भी करें…रंजन कुमार मंडलायुक्त।
राजधानी के कई स्कूल ऐसे हैं जो आरटीई नियम का उल्लघंन कर रहे हैं, इनके खिलाफ अब एनओसी वापस लेने के लिए संयुक्त निदेशक को पत्र लिखा गया है। लखनऊ में इन स्कूलों की संख्या करीब 35 है…विजय प्रताप सिंह बीएसए लखनऊ।
आरटीई अधिनियम का उल्लघंन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा…डॉ अमर कांत सिंह डीआईओएस
सरकार फीस भुगतान नहीं कर रही थी, ऐसे में निजी स्कूलों ने प्रवेश से लेने में हाथ खड़े किए हैं, पायनियर स्कूल के खिलाफ एफआईआर के आदेश वापस हो गये हैं, पात्र बच्चे का प्रवेश ले लिया गया है। जल्द ही बैठक बुलायी जायेगी…अनिल अग्रवाल अध्यक्ष अनऐडेड स्कूल एसोसिएशन।
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