बरेली: संविदाकर्मियों की हड़ताल से बिजली का झटका, अंधेरे में काटी रात

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बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले मध्यांचल उपाध्यक्ष मुकेश कुमार कठेरिया के नेतृत्व में पिछले सात दिन से चल रहा कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की दोपहर तक कई …

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले मध्यांचल उपाध्यक्ष मुकेश कुमार कठेरिया के नेतृत्व में पिछले सात दिन से चल रहा कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की दोपहर तक कई क्षेत्रों में रातभर बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि देर शाम अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद संविदा कर्मचारी वापस काम पर लौट आए।

बकाया वेतन, हटे हुए संविदा कर्मचारी, मृतक आश्रित कर्मचारियों को पुन: कार्य पर वापस लेना, दुर्घटनाग्रस्त, कोविड-19 के इलाज में हुए खर्च, अप्रैल 2019 से अब तक कर्मचारियों के यूनीफार्म की धनराशि, ईपीएफ में गबन रुपये, पहचान पत्र एवं सुरक्षा उपकरण आदि मांगों को लेकर बिजली के संविदा कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर थे, जिसका का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।

मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक शहर के सैकड़ों उपभोक्ताओं के घर की बिजली घंटों गुल रही। मंगलवार रात बिहारीपुर क्षेत्र में कंडक्टर के पास फाल्ट आने से रात करीब 11 बजे बिजली गुल हो गई। अधिकारियों ने बताया कि जिस समय बिजली कनेक्शन कटा था, उस दौरान फाल्ट ठीक करने के लिए पर्याप्त स्टाफ सब स्टेशन पर नहीं था। सुबह स्टाफ आने के बाद फाल्ट दुरुस्त करने में टीम जुटी, जिसके बाद बुधवार दोपहर करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वही क्रास आर्म टूटने और किला बिजलीघर ब्रेकडाउन में होने से शहर में बिजली का संकट गहरा गया था।

देर शाम मांगें पूरी होने पर काम पर लौटे कर्मचारी
मध्यांचल उपाध्यक्ष मुकेश कुमार कठेरिया ने बताया कि अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल और अधिशासी अभियंता ने संगठन व कंपनी के बीच वार्ता हुई और समझौते में सभी शर्तें मान ली गईं। अधीक्षण अभियंता द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया कि 8 कार्य दिवस के अंदर सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कटा हुआ वेतन, पेंडिंग सैलेरी, पूर्व में हटाए हुए लड़कों को कार्य पर वापस लाना, खंड के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित पहचान पत्र दिया जाना आदि सभी बिंदुओं पर संगठन के हित में समझौता हुआ।

जिला अध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव ने कहा कि हम पूर्व में कंपनी को हर समझौते में समय देते आए हैं, अगर इस बार हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो हम लोग अधीक्षण अभियंता से कंपनी पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करेंगे। समझौता पत्र मिलने पर मध्यांचल उपाध्यक्ष के आह्वान पर धरने को स्थगित कर दिया गया। जिला उपाध्यक्ष तस्लीम खान ने कहा कि सभी कर्मचारी अपने अपने कार्य पर वापस जाएं, जो धरना-प्रदर्शन में उपस्थित रहे।

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