बरेली: मां के सिर पर तबा मारकर हत्या करने वाले बेटे को उम्रकैद

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विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। पैसों के लेन-देन के विवाद मे मां के सिर पर तबा मारकर व तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने वाले थाना किला नीम की चढ़ाई, साहूकारा निवासी अमित रस्तोगी को सत्र परीक्षण में दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार वर्मा ने आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये …

विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। पैसों के लेन-देन के विवाद मे मां के सिर पर तबा मारकर व तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने वाले थाना किला नीम की चढ़ाई, साहूकारा निवासी अमित रस्तोगी को सत्र परीक्षण में दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार वर्मा ने आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

एडीजीसी क्राइम सचिन जायसवाल ने बताया कि अमित रस्तोगी ने थाना किला में तहरीर देकर बताया था कि 31 अगस्त 2018 को मैं अपने पत्थर पॉलिश के काम से बानखाना गया था। जब मैं काम से करीब 7:30 बजे शाम घर वापस आया तो मेरे मकान से धुंआ निकल रहा था। मैने अपने पड़ोसी अमित अरोरा उर्फ सोनू की मदद से घर में सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया व किबाड़ खोलने पर देखा कि घर में आग लगी हुई थी।

मां शारदा रस्तोगी के शरीर पर आग लगी हुई थी और अचेत अवस्था में पड़ी थी व कुछ दूर पर मेरी 4 वर्षीय बेटी अचेत अवस्था में पड़ी थी। मैंने और सोनू ने आग बुझाई और 100 नम्बर डॉयल कर पुलिस को सूचना दी। शक है कि किसी अज्ञात ने मां को चोट पहुंचाकर व जलाकर उनकी हत्या की है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात हत्यारोपी के विरूद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।

गवाहों के बयान के आधार पर विवेचना में वादी मुकदमा मृतका के पुत्र अमित रस्तोगी का नाम प्रकाश में आया था। घटना के तीन दिन बाद 3 सितम्बर 2018 को गहनता से पूछताछ करने पर अमित ने पुलिस को बताया था कि उसका पत्नी से तलाक हो गया है। चार वर्षीय बेटी पाखी मेरे पास ही रहती है। मकान में सवरसेविल लगवाया गया था तथा बिजली के बिल के पैसे भी मां द्वारा दिये गये थे। मै अपनी मां को पैसे नहीं दे पा रहा था क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे।

घटना से एक दिन पहले मेरी मां ने मुझसे बहुत उल्टा सीधा कहा कि तूने पैसे नहीं दिये तो अपना अलग रहने का इंतजाम कर लेना। मैं पत्थर पॉलिश का काम करता हूं। घटना वाले दिन मैं यह कहकर घर से गया था कि पत्थर पालिस का काम करने जा रहा हूं और वहां से दोपहर बाद वापस आ गया था। मेरी मां ने मुझसे पैसे मांगे तो मैने कहा कि मेरे पास पैसा नहीं है।

इसी बात को लेकर मेरी मां शारदा देवी ने मेरे दो थप्पड़ मार दिये और बुरा भला कहा। मैं बर्दाश्त नही कर सका और मुझे गुस्सा आ गया तो मैंने लोहे के तवे से अपनी मां के सिर पर वार कर दिया जिससे वह गिर पड़ी और उसने मेरे सिर व बाल पकड़ लिये। मैंने सिर झुकाते हुए गला दबा दिया तथा यह सोचकर कि मुझ पर शक न हो कुछ पुराने कपड़े व पेपर इकट्ठा करके उस पर रिफाइण्ड तेल डालकर आग लगा ली। हम दोनों की खींचतान में रूम में पड़ा बेड बेटी के माथे पर लगा जिससे उसके चोटे आयी। मैं अपनी बेटी को पास में ही कमरे में लिटाकर दरवाजा बंद कर चला गया। उसके बाद मैं थोड़ी देर घूम फिरकर यह सोचकर कि मां की लाश जल चुकी होगी तो शाम 7:30 बजे घर वापस आया।

पड़ोसी अमित अरोड़ा उर्फ सोनू ने कहा कि तुम्हारे घर से धुंआ निकल रहा है। सीढ़ी लेकर घर के अंदर गये थे। अमित ने पुलिस को आलाकत्ल तबा व तकिया भी बरामद कराया था। अभियोजन पक्ष ने परीक्षण के दौरान कोर्ट के समक्ष आठ गवाह पेश किये थे। जिसमे पड़ोसी अपनी गवाही मे मुकर गये थे।

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