मुरादाबाद : अभी चार माह तक रहेगी वायु प्रदूषण की मार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। धूल-धुएं से बढ़ रहे प्रदूषण के बीच पीतलनगरी में कॉर्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ रही है। कार्बन मोनोऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 175 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर हो गई, जो खतरनाक स्तर है। इन हानिकारक तत्वों की हवा में अधिकता से स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। पूर्व से बीमार मरीजों की …

मुरादाबाद, अमृत विचार। धूल-धुएं से बढ़ रहे प्रदूषण के बीच पीतलनगरी में कॉर्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ रही है। कार्बन मोनोऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 175 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर हो गई, जो खतरनाक स्तर है। इन हानिकारक तत्वों की हवा में अधिकता से स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है।

पूर्व से बीमार मरीजों की सेहत और बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो अगर मनुष्य जागरूक नहीं होगा तो अगले पांच वर्षों बाद सांस लेना दुश्वार हो जाएगा। बॉटनी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि वायुमंडल में एक परत होती है, जिसे इनर्वशन परत भी कहते हैं। ठंड में यह मोटी हो जाती है। इससे पृथ्वी की सतह पर मौजूद धुएं-धूल के कण, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डायऑक्साइड, सल्फर डायऑक्साइड जैसे हानिकारक कण व गैसें वातावरण में ऊपर नहीं जा पाते और इनका स्तर पृथ्वी की सतह पर बढ़ जाता है।

बताया कि जब तक लोग फोसिल फ्लू वर्निंग बंद नहीं करेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ विकास मिश्रा ने कहा कि बारिश बंद होने के बाद सड़क व निर्माण कार्यों से निकलने वाले धूल पार्टिकुलेटर मैटर 2.5 व 10 का स्तर बढ़ा देती है। इसके अलावा धुएं से जहरीली गैसों का स्तर भी बढ़ जाता है। गर्मी में ये हानिकारक कण कम समय में वातावरण में फैल जाते हैं, लेकिन ठंड के दिनों में नमी पाकर भारी हो जाते हैं और निचले वातावरण में बने रहते हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। अगले चार माह तक यही स्थिति रहेगी।

मौसम का मिजाज बदला
उत्तर पश्चिमी हवाएं चल रहीं हैं। ऐसे में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात का पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पंतनगर विवि के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि एक-दो दिन में मौसम में बदलाव होगा।

एक्यूआई का स्तर भी बढ़ा
सीपीसीबी के मुताबिक एक्यूआई 270 रहा। नाइट्रोजन डाईऑक्साइड की मात्रा 137 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी। इसमें सल्फर डाईऑक्साइड की मात्रा 130 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही।

25 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पदाधिकारियों द्वारा बीते एक महीने में औद्योगिक इकाइयों को भट्टे सुलगाने समेत सीआरपीसी की धारा 133 में नोटिस जारी किए गए हैं।

यह है एक्यूआई का मानक
0-50——- अच्छी
51-100——संतोषजनक
101-200—–मध्यम
201-300—-खराब
301-400—-बहुत खराब
401-500—–गंभीर

देश के पांच सबसे प्रदूषित शहर
ग्रेटर नोयडा——-389
गाजियाबाद——381
मुरादाबाद——-270
मेरठ ——-357
आगरा——–249

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