यूपी टीईटी परीक्षा 2021 : विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से लीक हुआ पेपर!
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपी टीईटी 2021 का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के पहले ही लीक हुआ था, ऐसे में एसटीएफ शुरूआती जांच में अधिकारियों को दोषी ही मान रही है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है। एसएसपी एसटीएफ हेमराज मीणा ने कहा कि पकड़े गये आरोपी सॉल्वर हैं। …
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपी टीईटी 2021 का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के पहले ही लीक हुआ था, ऐसे में एसटीएफ शुरूआती जांच में अधिकारियों को दोषी ही मान रही है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है। एसएसपी एसटीएफ हेमराज मीणा ने कहा कि पकड़े गये आरोपी सॉल्वर हैं। इसके पीछे एक बड़ा गैंग काम कर रहा है, उनकी तलाश में प्रदेश भर के शहरों में छापामारी जारी है, उन्होंने कहा कि सीधा पर्चा लीक होना कहीं न कहीं जिम्मेदारों की संलिप्तता को भी दर्शाता है। इस मामले में टीम हर एक पहलुओं पर जांच कर रही है।
हालांकि एसटीएफ अधिकारियों को सुबह से ही शक था कि विभाग की मिलीभगत से पेपर लीक हुआ है। क्योंकि परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले यानी शनिवार रात करीब 11 बजे के आसपास व्हाट्सएप ग्रुप में एक पेपर वायरल हुआ था, और यह अधिकारी या फिर अन्य जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत के संभव नहीं है। बता दें कि टीईटी परीक्षा को लेकर हर साल कुछ न कुछ विवाद होता रहा है और इसका खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा है। हर बार साल्वर गैंग पर कार्रवाई तक मामला सिमटता रहा है, लेकिन इस बार विभाग के अधिकारी भी राडार पर हैं।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी पर भी उठ रहे सवाल
प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर भी सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि इससे पहले प्राधिकारी कार्यालय में एक लिपिको भी एसटीएफ ने दबोचा था जो साल्वर गैंग के संपर्क में था।
14 पेज के पेपर में 150 थे प्रश्न
14 पेज के इस पेपर में 150 प्रश्न लिखे हुए हैं और और उनके सही विकल्प के ऊपर राइट का चिन्ह लगा हुआ है। यूपी एसटीएफ के पास भी इस तरह का वायरल पेपर पहुंचा है वहीं एसटीएफ नोएडा और मेरठ ने यह पेपर अपने जिला मजिस्ट्रेट व लखनऊ मुख्यालय को भेजा था ताकि परीक्षा शुरू होते ही उसका मिलान किया जा सके। कुछ ही देर में यह पता चल जाएगा कि वायरल हुआ पेपर असली है या नकली। हालांकि कथित तौर पर पेपर वायरल होने की शुरुआत मथुरा से हुई। उसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप पर यह पेपर नोएडा में आया और इसी तरह गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ के व्हाट्सएप ग्रुप में यह पेपर पहुंचा।
साल्वर गैंग की गहरी हैं जड़े
एसटीएफ का दावा है कि इस गैंग के कई अन्य सदस्यों को भी ट्रेस कर लिया गया है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे नेक्सस में नीचे से उपर तक कई चैनल काम कर रहे हैं। सबके काम बांटे गए थे। फिलहाल पकड़े गए आरोपी के उपर अभी कई सीढ़ियां हैं। आशंका है कि इनमें कई सफेदपोशों के भी नाम उजागर हो सकते हैं।
जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी है, जल्दबाजी में कहना कुछ कहना ठीक नहीं है, अगर विभागीय अधिकारियों की कहीं पर भी मिली भगत पायी जायेगी विभाग सख्त एक्शन लेगा…दीपक कुमार, प्रमुख सचिव, बेसिक।
अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है, लेकिन जो भी दोषी होगा कार्रवाई जायेगी। एसटीएफ जांच कर रही है,थोड़ा वक्त बीतने दीजिए…
अनामिका सिंह, शिक्षा महानिदेशक, बेसिक।
परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ हो इसकी पूरी तैयारी की गयी थी, पेपर कहां से लीक हुआ मैं भी हैरान हूं, एसटीएफ की जांच में सब सच सामने आ जायेगा…संजय उपाध्याय परीक्षा नियामक प्राधिकारी।
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