विपक्षी दलों के झंडे अलग मगर दिल एक : डॉ. दिनेश शर्मा
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्षी दलों के झंडे भले ही अलग अलग हैं, पर उनका दिल एक है। कांग्रेस इन सभी दलों की सूत्रधार है। इनका राजनैतिक उद्देश्य एक ही है और उनके नापाक मंसूबो को पूरा नहीं होने देना है। यह विचार उन्होंने पंचायत भवन में आयोजित एनजीओ प्रकोष्ठ …
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्षी दलों के झंडे भले ही अलग अलग हैं, पर उनका दिल एक है। कांग्रेस इन सभी दलों की सूत्रधार है। इनका राजनैतिक उद्देश्य एक ही है और उनके नापाक मंसूबो को पूरा नहीं होने देना है। यह विचार उन्होंने पंचायत भवन में आयोजित एनजीओ प्रकोष्ठ के सम्मेलन में व्यक्त किए।
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता जनता को यह बताएं कि पिछले 15 सालों में इन दलों ने जातिवादी सम्प्रदायवादी सरकारें चलाई हैं। लोगों के बीच में मतभेद पैदा किए हैं। पहले की सरकार तो आपसी मनमुटाव के लिए ही जानी जाती थी। किसान को सम्मान निधि से लेकर महिलाओं के खाते में धनराशि, गरीब को राशन, घर-घर शौचालय, फ्री में गैस कनेक्शन जैसे तमाम कार्य भाजपा की सरकार की देन है।
लखनऊ में @BJP4India एनजीओ प्रकोष्ठ द्वारा अयोजित स्वयंसेवी संगठन प्रतिनिधि सम्मेलन-2021 में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित हुआ,कार्यक्रम में @BJP4UP प्रदेश अध्यक्ष श्री @swatantrabjp जी सहित पार्टी पदाधिकारीगण सम्मिलित हुये। pic.twitter.com/r6zFtRZba5
— Dr Dinesh Sharma BJP (@drdineshbjp) November 28, 2021
इससे पहले प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सपा, बसपा कांग्रेस का जहरीला कॉकटेल मोदी और योगी सरकार के गरीब कल्याण के कामों पर ब्रेक लगाना चाहता है। इनको प्रदेश शोषित, वंचित और गरीबों के कल्याण की नहीं बल्कि अपनी झोली को भरने की ही चिंता है। इसी कारण ये सब एक साथ मिलकर भाजपा को रोकना चाहते हैं, लेकिन यूपी की 24 करोड़ जनता इनके मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी। जनता जनार्दन के आशीर्वाद से एक बार फिर प्रदेश में दोबारा बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।
कार्यकर्ताओं को अपने कार्यों का प्रचार करने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि जब भी जनहित का कोई कार्य किया जाए उसका प्रचार सोशल मीडिया और समाचार पत्रों आदि में जरूर किया जाए। आज के समय में दिव्यांग निराश्रित एवं वृद्धजनों को टीकाकरण के लिए ले जाने में मदद की जानी चाहिए। टीकाकरण के कैम्प भी लगवाए जा सकते हैं। जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है उनकी सूची बनवाकर टीका लगावने में उनकी मदद की जाए। इस प्रकार की गतिविधियां जनता को प्रभावित करती है।
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