कृषि कानून वापसी बिल पास, अखिलेश समेत इन नेताओं ने सरकार पर उठाए सवाल
लखनऊ। शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन संसद के दोनों सदनों लोकसभा एवं राज्यसभा में कृषि कानून से सम्बंधित तीनों विधेयकों को भारत सरकार ने वापस ले लिया। सूत्रों की माने तो आज रात्रि या कल सुबह तक भारत के राष्ट्रपति इन पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। सदन के इतिहास में यह पहला ऐसा …
लखनऊ। शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन संसद के दोनों सदनों लोकसभा एवं राज्यसभा में कृषि कानून से सम्बंधित तीनों विधेयकों को भारत सरकार ने वापस ले लिया। सूत्रों की माने तो आज रात्रि या कल सुबह तक भारत के राष्ट्रपति इन पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। सदन के इतिहास में यह पहला ऐसा वाकया है जहां कानूनों की इतने त्वरित तरीके से वापस लिया गया है। शायद यही वजह है की विपक्ष के तमाम नेता इन कानूनों की वापसी को उत्तर प्रदेश समेत चार और राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ कार देख रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ये मांग रखी की भारत सरकार किसानों को यह आश्वासन दे कि भविष्य में यें तीनो क़ानून किसी भी रूप में वापस नही लाए जाएँगे। वही संसद सत्र से बाहर निकलते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा सरकार को कम से कम पहले बहस करना चाहिए और देश की जनता को बताना चाहिए की पहले क्या था जो कानून पास किया गया और अब क्या है जो क़ानून निरस्त कर दिया गया?
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने किसानों की मदद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) की गारंटी के लिए सरकार से क़ानून बनाने की माँग की।संसद के शीतक़ालीन सत्र से पिछले सत्र में हिंसक व्यवहार के आरोप में विपक्ष के बारह सांसदों को बाक़ी बचे सत्र के लिए निलम्बित कर दिया गया। कृषि कानून वापसी बिल के अलावा इस सत्र में सरकार 36 और बिल ले कर आ रही है। जिसमें मुख्य रूप से क्रिप्टो करेन्सी क़ानून से जुड़ा विधेयक भी शामिल है।यह देखना दिलचस्प होगा कि पहले ही दिन इतने हंगामें के बाद संसद सत्र सुचारु रूप से कैसे चलता है।
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