ओमिक्रॉन से घबराने की कोई जरूरत नहीं : प्राचार्य डॉ. काला
कानपुर। कोविड-19 के बाद डब्लूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार आया ओमिक्रॉन को लेकर पूरं विश्व को अलर्ट जारी किया गया है। ओमिक्रॉन को लेकर जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर के सभागार में प्रचार्य डॉ. संजय काला द्वारा एक प्रेसवार्ता की गई। प्रेसवार्ता में उन्होनें बताया कि कोविड-19 के बाद आया डेल्टा वेरिएंट इससे से भी …
कानपुर। कोविड-19 के बाद डब्लूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार आया ओमिक्रॉन को लेकर पूरं विश्व को अलर्ट जारी किया गया है। ओमिक्रॉन को लेकर जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर के सभागार में प्रचार्य डॉ. संजय काला द्वारा एक प्रेसवार्ता की गई। प्रेसवार्ता में उन्होनें बताया कि कोविड-19 के बाद आया डेल्टा वेरिएंट इससे से भी ज्यादा खतरनाक है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार असपताल में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है।
प्रेसवार्ता के दौरान प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि डब्लूएचओ के डाटा के अनुसार यह नया साउथ अफ्रीका में पाया गया है जिसके बारे में अभी कोई भी विशेष जानकारी नहीं है। डब्लूएचओ के डाटा के अनुसार कुल 25 देशों में ओमिक्रॉन वायरस पाया गया है जिससे लगभग 225 लोग प्रभावित हुए है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन से ज्यादा डेल्टा खतरनाक है। सभी लोगों को सावधानी रखने की जरूरत है साथ ही पहले की तरह मास्क और उचित दूरी बना कर रहे और हाथों को सैनिटाइज करते रहे।
साथ ही उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन के लिए जिलाधिकारी के साथ बैठक हो चुकी है और उनके दिशा निर्देशो का पालन करते हुए 22 बेड ओमिक्रॉन मरीजो के लिए रिजर्व कर लिए गए है। फिलहाल शहर में अभी ओमिक्रॉन वायरस की कोई पहचान नही हुई है और न ही इसके बारे में कोई विशेष जानकारी ही मिली है।
इसी क्रम में विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलाजी डॉ. मधु यादव ने बताया गया कि लैब में ओमिक्रॉन की जांच हेतु सभी तैयारियां पूर्ण है तथा नए वेरिएंट से धबराने की कोई भी आवश्यकता नही है। सभी लोग कोविड प्रोटोकाल का नियम से पलन करे। इस दौरान माइक्रोबायोलाजी के डॉ. विकार मिश्रा व मीडिया प्रभारी डॉ. गणेश शंकर समेत तमाम डाक्टर्स मौजूद रहे।
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