बरेली: अब कुसारी गांव के प्रधान और सचिव गड़बड़ी में फंसे
बरेली, अमृत विचार। अधिकारी भले ही सख्ती का दावा करें, लेकिन ग्राम पंचायतों में विकास कराने के लिए भेजी जा रही धनराशि का खूब बंदरबाट हो रहा है। यह रकम प्रधान और सचिव डकारने में लगे हैं। जांच में मामला सही मिलने पर डीएम ने पूर्व प्रधान और सचिव से जवाब तलब किया है। सात …
बरेली, अमृत विचार। अधिकारी भले ही सख्ती का दावा करें, लेकिन ग्राम पंचायतों में विकास कराने के लिए भेजी जा रही धनराशि का खूब बंदरबाट हो रहा है। यह रकम प्रधान और सचिव डकारने में लगे हैं। जांच में मामला सही मिलने पर डीएम ने पूर्व प्रधान और सचिव से जवाब तलब किया है। सात दिन के निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एफआईआर कराने की बात कही गई है।
मामला आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत कुसारी का है। ग्रामीण की शिकायत पर डीडी पंचायत महेंद्र कुमार सिंह ने पिछले महीने डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार के साथ गांव पहुंचकर पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय की जांच की तो बड़े पैमाने पर अनिमितताएं मिलीं। रकम मिलने के बाद भी पंचायत भवन का जहां निर्माण अधूरा मिला वहीं यहां अव्यवस्थाएं भी मिलीं। जबकि सामुदायिक शौचालय की देखरेख और उसके निर्माण में लापरवाही उजागर हुई है। पास में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप के चबूतरा नहीं मिलने पर पूर्व प्रधान और सचिव को कार्य के प्रति लापरवाह मानते हुए दोषी माना गया।
डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व प्रधान नरपत और सचिव को डीएम की तरफ से नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया गया है। इस कार्यदिवस में यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दोनों को दोषी मानते हुए इनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
