बरेली: फोर्स की घेराबंदी से बिचपुरी में दहशत, घरों में दुबके ग्रामीण
बरेली, अमृत विचार। डोहरा रोड पर रामगंगानगर आवासीय परियोजना के लिए बिचपुरी की जमीन के अधिग्रहण के मामले को लेकर शुक्रवार को दूसरे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण रही। एक दिन पहले गुरुवार को ग्रामीणों ने बीडीए के अधिकारियों पर जबरदस्ती जमीन छीनने का आरोप लगाते हुए पीलीभीत हाईवे जाम कर दिया था। शुक्रवार को बिचपुरी …
बरेली, अमृत विचार। डोहरा रोड पर रामगंगानगर आवासीय परियोजना के लिए बिचपुरी की जमीन के अधिग्रहण के मामले को लेकर शुक्रवार को दूसरे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण रही। एक दिन पहले गुरुवार को ग्रामीणों ने बीडीए के अधिकारियों पर जबरदस्ती जमीन छीनने का आरोप लगाते हुए पीलीभीत हाईवे जाम कर दिया था।
शुक्रवार को बिचपुरी में सुबह से ही पीएसी व पुलिस बल की घेराबंदी से दशहत का माहौल पैदा हो गया। घबराए ग्रामीण घरों में दुबके रहे। दोपहर में बीडीए सचिव ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुधवार को बीडीए कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि, बड़ी संख्या में महिलाओं ने सुरेश शर्मा नगर चौराहे पर सुबह के समय धरना भी दिया।
वर्ष 2004 से शुरू हुई बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना में करोड़ों के विकास होने के बाद से यहां भूखंडों की काफी मांग बढ़ गई थी। इस दौरान बीडीए ने इस परियोजना में अवैध कब्जेदारों को भी हटाने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बीच, इस परियोजना में शामिल बिचपुरी गांव के बड़ी संख्या में लोग गुरुवार को लामबंद हो गए थे और उन्होंने सुरेश शर्मा नगर चौराहे पर धरना पर बैठकर पीलीभीत हाईवे को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।
इससे पुलिस-प्रशासन को व्यवस्था संभालने में काफी परेशानी हुई थी। इस घटना के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को बिचपुरी गांव में सुबह से ही पुलिस व पीएसी के जवान पहुंच गए। फोर्स की घेराबंदी देखकर सहमे ग्रामीणों काफी देर तक घरों में ही दुबके रहे। ग्रामीणों का कहना था कि जिस तरह से फोर्स की तैयारी थी, उससे लाठीचार्ज होने की आशंका दिख रही थी। दहशत के माहौल के बीच दोपहर में बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से काफी देर तक बातचीत की।
उन्होंने यह लिस्ट देने को कहा है कि बिचपुरी में कितने घर हैं, जिनकी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और वे कब से बने हैं। उन्होंने ग्रामीण के 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बुधवार को वार्ता के लिए बीडीए कार्यालय भी बुलाया है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बीडीए नियमानुसार ही कार्रवाई करेगा। इस दौरान बीडीए के एक्सईएन आशु मित्तल भी मौजूद रहे।
बड़ा बाईपास पर एक नेता का ढाबा तोड़ा
बीडीए की टीम ने बड़ा बाईपास पर बने भारतीय मजदूर किसान संगठन राष्ट्रवादी के अध्यक्ष मुन्ना लाल मिश्रा का ढाबा तोड़ दिया। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि हाईवे किनारे बना यह ढाबा अवैध था। जबकि मुन्ना लाल मिश्रा का कहना है कि उन्होंने गुरुवार को बिचपुरी किसानों का समर्थन किया था। इसकी खुन्नस में यह कार्रवाई की गई है। इससे उनका काफी नुकसान हो गया है।
रात में ही पुलिस ने धरना स्थल से ग्रामीणों को हटाया
सुरेश शर्मा नगर चौराहे पर गुरुवार को टेंट लगाकर बिचपुरी के ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि रात में 11:30 बजे पुलिस आई और जबरदस्ती प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से हटा दिया। शुक्रवार सुबह से ही फोर्स चंदपुरी में पहुंच जाने से ग्रामीणों को आंदोलन पूरा नहीं हो सका।
शुक्रवार को बिचपुरी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से सकारात्मक बातचीत हुई है। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुधवार को बीडीए कार्यालय बुलाया गया है। साथ ही गांव वालों से कुछ सूचनाएं भी मांगी गई हैं। -योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए
