लखनऊ के कुछ इलाकों की हवा औसत से खराब, स्थिति चिंताजनक
लखनऊ। बढ़ते प्रदूषण को मद्देनजर रखते हुए जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट लगातार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जवाब तलब कर रहा है तो वही लखनऊ में भी प्रदूषण की स्थिति ख़ास अच्छी नहीं है। उत्तर प्रदेश की राजधानी के अलग-अलग इलाक़ों में शुक्रवार यानी 4 दिसंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) …
लखनऊ। बढ़ते प्रदूषण को मद्देनजर रखते हुए जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट लगातार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जवाब तलब कर रहा है तो वही लखनऊ में भी प्रदूषण की स्थिति ख़ास अच्छी नहीं है। उत्तर प्रदेश की राजधानी के अलग-अलग इलाक़ों में शुक्रवार यानी 4 दिसंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर औसत से ख़राब की श्रेणी में रहा।
कुछ यूं रहा लखनऊ के कुछ इलाकों का एक्यूआई लेवल
लखनऊ के कुछ इलाकों में तो सांस लेना दूभर है। शुक्रवार को लालबाग, तालकटोरा, रायबरेली रोड के आसपास के क्षेत्रों में एक्यूआई का स्तर खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। लालबाग में 241, तालकटोरा में 223, रायबरेली रोड स्थित बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी में 171, गोमतीनगर 162, कुकरैल पिकनिक स्पाट-1 में 152, केंद्रीय विद्यालय अलीगंज में 153 पर एक्यूआइ दर्ज किया गया।
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प्रदूषण को लेकर नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कई तरह की बातें बता रहे हैं। एक्यूआइ के गिरते स्तर के सवाल पर वह कह रहे हैं कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल एक्यूआई काफी बेहतर है, इस पर ध्यान दिया जाए। बोर्ड का कहना है कि बादल होने की वजह से भी एक्यूआइ में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके अलावा बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के पास फ्लाईओवर (पुल) बनाए जा रहे हैं, जिसकी वजह से वहां के एक्यूआई में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।
लालबाग में बढ़े एक्यूआई स्तर पर वह कहते हैं कि वहां पर लोकल कारणों से उछाल है। प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए किए जा रहे इंतजाम के बारे में जवाब मिला कि एक्यूआई के नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है, एंटी स्मोक गन लगाई गई हैं।
नगर निगम लगातार मानीटङ्क्षरग कर रहा हैं और जनमानस से अपील है कि कूड़ा न जलाएं, अपने आसपास के पौधों पर पानी का छिड़काव करें, वाहनों का उपयोग कम से कम करें। उनसे निकलने वाले धुएं से भी प्रदूषण बढ़ता है।
