बाराबंकी: आरपीएफ इंस्पेक्टर व सिपाही को वसूली करते रंगे हाथ सीबीआई ने दबोचा
बाराबंकी। खाद्य की रैक उतारे जाने में आरपीएफ और ठेकेदारों के बीच की मिली भगत सीबीआई की कार्यवाही से उजागर हो गयी।लखनऊ से सीबीआई की टीम ने रेलवे के ठेकेदार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद ठेकेदार से वसूली की रकम लेते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर और सिपाही को रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया। …
बाराबंकी। खाद्य की रैक उतारे जाने में आरपीएफ और ठेकेदारों के बीच की मिली भगत सीबीआई की कार्यवाही से उजागर हो गयी।लखनऊ से सीबीआई की टीम ने रेलवे के ठेकेदार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद ठेकेदार से वसूली की रकम लेते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर और सिपाही को रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया। इस बीच आरपीएफ ने दोनों को निलंबित कर दिया।
बीती रात 11 बजे रेलवे स्टेशन पहुंची लखनऊ मुख्यालय से सीबीआई की टीम ने ठेकेदार गुफरान की शिकायत पर आरपीएफ इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार यादव और सिपाही आशुतोष तिवारी को व्यापारी गुफरान से 63 हजार रूपये की वसूली की रकम लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद दोनों आरोपियों के साथ सीबीआई ने पूरी रात कोतवाली नगर में गुजारी और अपनी कार कोतवाली के बाहर खड़ी रखी।
यह भी पढ़ें:-भारतीय महिला फुटबॉल टीम ब्राजील से लौटी, अब एएफसी एशियाई कप के लिए करेगी तैयारी
रविवार का सवेरा होते ही दोनों को लेकर लखनऊ के लिये रवाना हो गयी। इस बीच आरपीएफ ने इंस्पेक्टर अखिलेश यादव और सिपाही आशुतोष तिवारी को निलंबित करके महकमे को कड़ा संदेश देने का काम किया है। चर्चा है कि इंस्पेक्टर के आवास से पांच लाख रूपये की रकम भी सीबीआई के हाथ लगी है, जिसमें वसूली की रकम जोड़कर कर कुल बरामद रकम 5 लाख 63 हजार रूपये है। जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर के पद पर अखिलेश यादव पहली नियुक्ति थी, जो इससे पहले लखनऊ में दरोगा के पद पर रहते हुए भी एक विवाद में घिर चुका है।
यह भी पढ़ें:-उन्नाव: अखिलेश यादव कृष्ण के वंशज हैं तो मथुरा में बनवाएं भव्य मंदिर- साध्वी निरंजन ज्योति
