देवरिया: मारपीट के विरोध में वकीलों का धरना प्रदर्शन जारी
देवरिया। जिले में एक वकील के साथ पुलिस की कथित पिटाई के विरोध में दीवानी कचहरी के मुख्यद्वार को बंदकर किया जा रहा वकीलों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि सदर कोतवाली पुलिस की ओर से एक वकील से मारपीट की गयी। वकीलों की मांग है कि आरोपियों …
देवरिया। जिले में एक वकील के साथ पुलिस की कथित पिटाई के विरोध में दीवानी कचहरी के मुख्यद्वार को बंदकर किया जा रहा वकीलों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि सदर कोतवाली पुलिस की ओर से एक वकील से मारपीट की गयी। वकीलों की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएं और इसी क्रम में उनका विरोध प्रदर्शन जारी है। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने अधिवक्ता विष्णु कुमार जायसवाल निवासी उमा नगर की ओऱ से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए संबंधित मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। इस टीम ने तीन दिसंबर को संयुक्त जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।
इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक डॉ श्रीपति मिश्र ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर संवाददाताओं को बताया था कि दो दिसम्बर को शहर के उमा नगर निवासी और पेशे से अधिवक्ता विष्णु कुमार जायसवाल एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि एक दिसम्बर शाम एसडीएम सदर सौरभ सिंह के निर्देश पर सदर कोतवाली प्रभारी अनुज सिंह ने उन्हें अकारण घर से उठाकर कोतवाली ले गये। उनके साथ अभ्रदता की गयी और बाद में छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद रात में दोबारा कोतवाल और कुछ सिपाहियों ने उन्हें शहर के सुभाष चौक से पकड़कर कोतवाली ले जाकर बुरी तरह से मारापीटा और दूसरे दिन सुबह छोड़ दिये। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए प्रकरण की जांच के लिये अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व की अगुवाई में एक तीन सदस्यीय टीम का गठित कर टीम बनाई गई थी।
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टीम ने तीन दिसंबर को टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी। जांच में वकील की ओर से लगाये गये आरोप निराधार पाये गये हैं। कोतवाली परिसर में लगे सीसीटीवी कैमारों में कहीं भी वकील जायसवाल का थाने में आने कोई फुटेज नहीं मिला। इससे साफ ही कि वकील के साथ मारपीट के आरोप निराधार हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सम्पूर्ण जांच में कोतवाली परिसर में वकील जायसवाल के साथ किसी भी प्रकार की घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वकील जायसवाल के मेडिकल रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है। उसके बारे में उन्हें एडीएम प्रशासन के कार्यालय में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिये कहा गया था, लेकिन वह अपना पक्ष नहीं रख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता जायसवाल के साथ पुलिस कर्मियों की ओर से उनके साथ मारपीट की घटना सत्य प्रतीक नहीं हो रही है। पुलिस अधीक्षक मिश्र का कहना है कि शुरुआत में वकील के साथ अभ्रदता करने की जानकारी मिलने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को फौरी तौर पर निलंबित कर दिया गया था। लेकिन इस मामले में उनकी कोई संलिप्तता न होने पर उनको जल्द ही बहाल कर दिया जायेगा। गौरतलब है कि सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु कुमार जायसवाल के प्रकरण में वकील इस घटना के विरोध में चार दिन तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर एसडीएम सौरभ सिंह और कोतवाल अनुज सिंह तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे और आज भी वकीलों ने सिविल कोर्ट का मुख्य गेट बंद कर विरोध कर रहे थे। इस दौरान जेल से कैदियों को अदालत ला रही वाहन को परिसर में घुसने नहीं दिये है।
