मुरादाबाद : प्रशिक्षुओं के भरोसे दवा वितरण, मरीज हुए हलकान
मुरादाबाद, अमृत विचार। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के फार्मासिस्टों ने सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। चेताया कि यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने अपनी बीस सूत्रीय मांगों …
मुरादाबाद, अमृत विचार। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के फार्मासिस्टों ने सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। चेताया कि यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने अपनी बीस सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन छेड़ रखा है। इसके क्रम में अब सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कार्य बहिष्कार से सुबह दवा वितरण का कार्य प्रशिक्षु फार्मासिस्ट करते रहे। संख्या कम होने से मरीजों को दवा लेने के लिए लाइन में इंतजार करना पड़ा। वहीं स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षु फार्मासिस्ट न होने से सुबह दो घंटे दवा वितरण कार्य पूरी तरह से ठप रहा।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला का कहना है कि 16 दिसंबर तक सुबह दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यदि सरकार मांगें पूरी नहीं करती है तो आंदोलन 17 दिसंबर से हड़ताल में परिवर्तित हो जाएगा। मरीजों को होने वाली असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार है। एसोसिएशन के मंडलीय सचिव हेमंत चौधरी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य लाभ देना चाहती है तो ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों और उपकेंद्रों पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति करे।
जिससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीज झोलाछाप के फेर में पड़कर जान गंवाने से बच सकें। सरकार फार्मासिस्ट को सीमित दवाई नुस्खा लिखने का अधिकार दे। प्रदेश उपाध्यक्ष निश्चल भटनागर ने बताया कि एसोसिएशन की मांगों में फार्मेसिस्टों की नियुक्ति, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बी फार्मा या डिप्लोमा के साथ 2 वर्ष का अनुभव करना, ड्रग वेयर हाउस, ट्रामा सेंटर में पदों का सृजन, बड़े अस्पताल में इमरजेंसी के लिए अलग से 4 इमरजेंसी फार्मासिस्ट, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जिला फार्मेसी अधिकारी की तैनाती की मांग शामिल है। विरोध जताने वालों में सुभाष चंद्र गौड़, कुंदन सिंह, राजेश पाठक, पीपी सिंह आदि फार्मासिस्ट शामिल रहे।
