बरेली: अंडरग्राउंड कूड़ेदानों की नहीं हुई खरीद, खुले में पड़ा रहता है कूड़ा
बरेली, अमृत विचार। मिनी बाईपास पर कई नई कॉलोनियां विकसित होने के साथ ही वहां आबादी भी काफी बढ़ गई है। यहां नगर निगम के डलावघरों को शिफ्ट न किए जाने से काफी गंदगी फैली रहती है। इससे छुटकारा दिलाने को नगर निगम ने यहां करीब एक करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड डस्टबिन खरीद …
बरेली, अमृत विचार। मिनी बाईपास पर कई नई कॉलोनियां विकसित होने के साथ ही वहां आबादी भी काफी बढ़ गई है। यहां नगर निगम के डलावघरों को शिफ्ट न किए जाने से काफी गंदगी फैली रहती है। इससे छुटकारा दिलाने को नगर निगम ने यहां करीब एक करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड डस्टबिन खरीद की स्वीकृति दी है लेकिन टेंडर न हो पाने से इन कूड़ेदानों की खरीद अब तक लटकी हुई है। ऐसे में मिनी बाईपास पर लोगों को गंदगी और कूड़े से राहत नहीं मिल पा रही है। जबकि नगर निगम के अधिकारी यहां जल्द ही चिप लगे अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाए जाने का दावा कर रहे हैं।
स्मार्ट सिटी में स्वच्छता के लिए नगर निगम ने अंडरग्राउंड कूड़ेदान लगवाने की तैयारी की है। करीब एक करोड़ रुपये की मंजूरी देने के साथ उसकी खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया होनी है लेकिन इसमें देरी हो रही है। इन भूमिगत कूड़ेदानों से राहत यह मिलेगी कि कूड़ेदान में भरा कूड़ा आसपास सड़क-फुटपाथ पर नहीं फैलेगा। अभी नगर निगम की कूड़ा गाड़ियां कूड़ा लिफ्टिंग करने में विलंब कर देती है तो इन कूड़ेदानों में कूड़ा ऊपर तक भर जाने के साथ वह आसपास फुटपाथ और सड़कों पर फैल जाता है। मिनी बाईपास, आईवीआरआई रोड, राजेंद्रनगर सहित शहर के तमाम पुराने इलाकों में सड़कों के किनारे रखे कूड़ेदानों का यही हाल है।
कूड़ा फैलने से रोकने के लिए अंडरग्राउंड डस्टबिन रखने की व्यवस्था की जा रही है। ये कूड़ेदान जमीन के अंदर रहेंगे, इन्हें हाईड्रोलिक गाड़ियों की मदद से लिफ्ट और उन्हें दोबारा वहीं वापस रखा जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने पहले चरण में अंडरग्राउंड डस्टबिन रखने के लिए करीब एक करोड़ रुपये के भूमिगत कूड़ेदान मंगवाने का ठेका दिया जा रहा है। इन्हें मिनी बाईपास सहित कई जगहों पर रखने की तैयारी है। लेकिन टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी न होने से कूड़ेदानों का लगवाने में विलंब हो रहा है।
इनसेट-
चिप लगे होंगे डस्टबिन, अनलोडिंग का बताएंगे रिकार्ड
-आधुनिक अंडरग्राउंड डस्टबिन चिप भी लगी रहेगी। ये डस्टबिन बाहर से दिखाई भी नहीं देंगे। चिप लगी रहने से यह फायदा होगा कि इसका ऑनलाइन रिकार्ड तैयार हो सकेगा कि अंडरग्राउंड डस्टबिन से कूड़े की लिफ्टिंग हर दिन हो पा रही है या नहीं। हॉइड्रोलिक सिस्टम होने से उन्हें कूड़ा गाड़ियों में रखने और अनलोड करने में भी काफी आसानी होगी। इसके अलावा अगर जलता हुआ कूड़ा इस डस्टबिन में डाला गया तो कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा।
वर्जन- नगर निगम की ओर से मिनी बाईपास पर जल्द ही अंडरग्राउंड और आधुनिक कूड़ेदान रखे जाने की तैयारी है। इससे सड़क पर कूड़ा नहीं दिखाई देगा। बाद में दूसरी जगहों पर भी ऐसे डस्टबिन लगाए जाने की योजना है। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
