सीतापुर: खुशियां मनाने को ली थी छुट्टियां, लेकिन मातम में बदल गया माहौल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सीतापुर। एक सैनिक और उसके दो दोस्ताें की कार सहित पानी में डूबने से हुई मौत की दिल-दहला देने वाली घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। देश की आन-बान और शान के लिए अपनी जान छिड़कने वाले रंजीत और उसके दोनों दोस्त एक साथ इस दुनिया से परवाज कर गए। अब उनके परिवार …

सीतापुर। एक सैनिक और उसके दो दोस्ताें की कार सहित पानी में डूबने से हुई मौत की दिल-दहला देने वाली घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। देश की आन-बान और शान के लिए अपनी जान छिड़कने वाले रंजीत और उसके दोनों दोस्त एक साथ इस दुनिया से परवाज कर गए। अब उनके परिवार वालों के पास उनकी सिर्फ यादें बाकी रह गईं। घटना से चंद घंटों पहले जिस फौजी रंजीत ने अपनी छुट्टी बढ़वा कर परिवार वालों और दोस्तों में खुशी की लहर दौड़ा दी थी, एक पल में ही उनकी खुशियां मातम में बदल गईं।

रंजीत के परिजन बताते हैं कि रंजीत अपने छोटे भाई बलजीत की शादी में शामिल होने के लिए छुटटी पर आया था। उसके भाई की शादी हो गई थी। घर में खुशियों का माहौल था। 11 दिसंबर को उसकी छुटटी पूरी हो गई थीं, वह अपनी पोस्टिंग पर जाने वाला था, लेकिन पत्नी, बच्चों व दोस्तों के साथ कुछ पल और बिताने के लिए उसने अपने जिम्मेदार अफसरों से चार दिन की छुट्टी और बढ़वा ली थी। लेकिन उसे क्या पता था, कि उसकी यह चंद दिनों की छुट्टियां, उसे दुनिया से ही विदा कर देंगी। चार दिनों की अतिरिक्त छुट्टियां मिलने के बाद रंजीत की पत्नी और बच्चे सहित पूरा परिवार खुश था।

उन्हें लग रहा था कि देश की सेवा करने वाला रंजीत उनके बीच खुशियाें के कुछ पल और जी लेगा, लेकिन नियति को शायद यह मंजूर नहीं था। रंजीत की छुट्टियां बढ़ने से उसके बचपन के दोस्त व सहपाठी रहे दुलमपुरवा निवासी रवि चौहान व सिरकुंडा निवासी सतीश वर्मा भी बेहद खुश थे। अपने फौजी दोस्त के साथ मौज-मस्ती और खुशियां लुटाने के लिए रंजीत के दोस्त भी साथ थे। बताते हैं कि यह लोग कल रात करीब साढ़े दस बजे घर से निकले थे। इनको गुड़ैचा चौराहा जाना था। घर से यह लोग गुड़ैचा जाने निकले थे, लेकिन कुछ सामान लाने के लिए फिर वापस लौटे।

जब यह लोग गुड़ैचा जाने के लिए बांसुरा के करीब पहुंचे, तभी पंचपीर बाबा स्थान के पास एक तीव्र मोड़ पड़ा। इस मोड़् पर इन लोगों की कार अनियंत्रित हो गई और कोहरे के कारण कार सीधे गहरे नाले में चली गई। जिससे तीनों दोस्तों की जान चली गई। मौत के बाद से इनके घरों में ही नहीं पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है। अब लोग उस घड़ी को कोस रहे हैं, जब रंजीत ने अपनी छुटटी बढ़वाने का फैसला लिया था। वह छुटटी न लेता तो शायद इनकी जानें बच जाती। लेकिन नियति को शायद यही मंजूर था। तीनों नौजवानों की मृत्यु से उनके मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। इनकी पत्नियां बेवा हो गईं। माता-पिता और अन्य परिवारीजन अब बस इनके साथ बिताएं पलों की यादें कर रो रहे हैं

पत्नी और बच्चों को रो रोकर हुआ बुरा हाल

फौजी रंजीत अपने पीछे पत्नी मंदीप कौर के अलावा उनकी पांच वर्षीय बालिका अंश कौर व दो वर्षीय बेटा दीप सिंह को छोड़ गए हैं। अब इनकी परवरिश का जिम्मा रंजीत के पिता व भाई पर है। रंजीत सिंह की मौत की खबर पाकर परिजनों का रोकर बुरा हाल है। रंजीत की पत्नी मंदीप कौर बदहवास होकर बार बार बेहोश हो रही हैं। रंजीत का बेटा और बेटी अंशदीप कौर भी बार बार अपने पिता को याद कर रो रहे हैं। वहीं रंजीत के परिजन उसकी पत्नी और बच्चों को दिलासा देने में जुटे हैं।

बताते हैं कि रंजीत के साथ मृतक हुए रवि चौहान की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। बीएड कर पड़ोस के एसकेवी डिग्री कालेज में पढ़ाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे रवि की मृत्यु से उनके परिवार के भरण पोषण पर भी संकट खड़ा हो गया है। रवि चौहान की शादी बीते दो वर्ष पूर्व कामिनी देवी से हुई थी। जैसे ही रवि की मौत की खबर गांव पहुंची कामिनी बेहोश होकर गिर गई। रवि की सात माह की बच्ची कीर्ति है। सिरकुंडा निवासी सतीश के बेटे साकेत और पत्नी संजू देवी का भी रोकर बुरा हाल है। सतीश के घर देर रात ही रिश्तेदार पहुंच कर सतीश की पत्नी और बच्चों को हिम्मत दे रहे थे।

पूर्व विधायक ने पहुंच कर बंधाया ढांढस

सेवता के पूर्व विधायक महेंद्र कुमार सिंह झीन बाबू व उनके पुत्र सदस्य जिला पंचायत दीपेंद्र प्रताप सिंह पवन ने विकास खण्ड रामपुर मथुरा के अंतर्गत मार्ग दुर्घटना में मारे गए लोगों के घर पहुंच कर ढांढस बंधाया। जानकारी हो कि इलाके के भागीपुर निवासी फौजी रंजीत सिंह, दुलमपुरवा निवासी रवी चौहान, सिरकुंडा निवासी सतीश वर्मा की बीती रात मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। पूर्व विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू ने पहुंचकर परिवार वालो को सांत्वना दी व उच्च अधिकारियों से वार्ता करके आर्थिक सहायता की मांग की। इस दौरान उनके साथ धर्मेंद्र मौर्य, सुरेंद्र यादव, शिव बालक यादव, नीरज यादव, राजू सिंह, वहीदुल्ल खां इत्यदि लोग मौजूद रहे।

संबंधित समाचार