रामपुर : जिले में सरकारी अमला फेल, नहीं थम रहा अवैध खनन का कारोबार

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। जिला मौजूदा समय में खनन का अड्डा बन चुका है। पहले मसवासी, स्वार और खौद में खनन हो रहा था। लेकिन अब शहर में भी खनन के वाहन गुजरने शुरु हो गए हैं। आश्रम पद्धति स्कूल के पास से होकर खनन माफिया डंपरों को गुजारते हैं। रात के अंधेरे में वाहन रेत …

रामपुर, अमृत विचार। जिला मौजूदा समय में खनन का अड्डा बन चुका है। पहले मसवासी, स्वार और खौद में खनन हो रहा था। लेकिन अब शहर में भी खनन के वाहन गुजरने शुरु हो गए हैं। आश्रम पद्धति स्कूल के पास से होकर खनन माफिया डंपरों को गुजारते हैं। रात के अंधेरे में वाहन रेत भरकर तेजी से राम-रहीम पुल और किटप्लाई रोड से गुजर रहे हैं। किसी दिन भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई टीम भी इस खनन को रोकपाने में नाकाम साबित हो रही है।

पिछले कई माह से खनन का कारोबार चरम सीमा पर पहुंच गया है। जिले भर में कोसी नदी, पीलाखार, बेलबाड़ा, घोसीपुरा, अकबराबाद और चौहद्दी घाट पर सुबह से लेकर रात तक जेसीबी चल रही है। लेकिन इसको रोक पाने वाला कोई नहीं है। माफिया धड़ल्ले से रेत से भरे वाहनों को हाइवे पर निकालकर ले जाते हैं। लेकिन पुलिस इन डंपर चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इतना ही नहीं क्षेत्र के कई गांवों में खनन माफिया ने काफी खेतों पर कब्जा कर रखा है। जिसमें जेसीबी चल रही है। इस दौरान कई खेत तालाब में तब्दील हो चुके हैं। आसपास के किसान इन लोगों की शिकायत करके थक गए हैं, उसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी भी घाटों पर जाने से डरते हैं।

ओवरलोड वाहनों ने सड़कों का निकाला दम
जिले में इन दिनों खनन माफिया की सक्रियता बढ़ गई है। ओवरलोडिंग वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ओवरलोड वाहनों की वजह से जनपद में कई सड़कें गड्ढे में तब्दील हो गईं हैं। गड्ढों में वाहन के फंसने से ट्रैफिक जाम के साथ ही दुघर्टना की आशंका बनी रहती है। जिले में घाटों पर खनन किया जा रहा है। माफिया वाहनों में क्षमता से अधिक रेत भर रहे हैं। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। अब खननबाजों के निशाने पर आगापुर रोड और किटप्लाई रोड आ गया है। रात 11 बजे से लेकर सुबह तड़के 4 बजे तक डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियां धड़ल्ले से गुजरती हैं। लेकिन चौराहों पर बैठी पुलिस रोकने का प्रयास तक नहीं करती है। इससे माफिया के लगातार हौसले बढ़ रहे हैं।

खनन को लेकर हो चुकी फायरिंग
जिले में खनन को लेकर कई माफिया आमने-सामने तक आ चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी खनन को रोकपाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। तीन माह पहले दढ़ियाल के अकबराबाद में खनन माफिया आमने-सामने आ गए थे। बिलासपुर में रविवार रात को खनन माफिया में आमने -सामने आ गए थे। उसके बाद दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई थी। इससे गांव के लोगों में दहशत का माहौल बन गया था।

खनन के वाहनों पर कार्रवाई करने का काम राजस्व विभाग का है। अगर विभाग कार्रवाई के दौरान पुलिस चाहता है तो साथ में भेजी जाती है। – अनुज चौधरी, सीओ सिटी

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