रामपुर: फर्जी तरीके से कागजात बनवाकर रह रहा बांग्लादेशी गिरफ्तार
रामपुर/शाहबाद, अमृत विचार। शाहबाद में कई सालों से रहने वाले एक युवक की जांच केंद्रीय विदेश मंत्रालय से आई थी। पुलिस और एलआईयू ने जांच के दौरान एक बांग्लादेशी युवक को सोमवार को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। इसके बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पिछले कई वर्षों से …
रामपुर/शाहबाद, अमृत विचार। शाहबाद में कई सालों से रहने वाले एक युवक की जांच केंद्रीय विदेश मंत्रालय से आई थी। पुलिस और एलआईयू ने जांच के दौरान एक बांग्लादेशी युवक को सोमवार को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। इसके बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पिछले कई वर्षों से एक युवक शाहबाद के मोहल्ला सादात में किराए के मकान में रह रहा था। उसकी जांच केंद्रीय विदेश मंत्रालय से आई थी। जिसके बाद पुलिस महकमा अलर्ट हो गया था। सोमवार को शाहबाद पुलिस ने जांच के बाद बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पासपोर्ट ऑफिस की सूचना पर खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया। रिपोर्ट के आधार पर बांग्लादेशी युवक देवाशीष विश्वास पुत्र वासुदेव विश्वास को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि 2012 में पासपोर्ट और वीजा पर पश्चिम बंगाल आया था। इसके बाद 2013 में प्लाई फैक्ट्री में मजदूरी करने रामपुर आ गया।
यहां शाहबाद के मोहल्ला सादात में किराए के मकान में रहने लगा। यहीं पर रहते हुए वोटर कार्ड बनवाया, फिर आधार, पैन कार्ड, पासपोर्ट व ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाकर शाहबाद में ही बैंक खाता खुलवा लिया। इसके बाद 2017 में बरेली जनपद के सिरौली कस्बे में चला गया। वहां किराये पर मकान लिया।व हीं क्लीनिक खोलकर फोड़े फुंसी का इलाज करने लगा। इस बारे में कोतवाल संजय तोमर ने बताया कि बंग्लादेशी युवक से पूछताछ में पता चला है कि वह काम-रोजगार की तलाश में यहां आ गया था। पूछताछ में कोई गलत मंसूबे य संदिग्ध हरकतें भी सामने नहीं आई हैं। यहां पर काम जमाने की वजह से यहीं रुक गया था। बाकी जांच का विषय है जो भी तथ्य प्रकाश में आयेंगे उन पर गहनता से जांच की जाएगी।
सात साल बाद जागी पुलिस
सात साल पहले एक बांग्लादेशी युवक शाहबाद में आकर रहने लगा। उसके बाद उसने यहीं का पैनकार्ड, आधार कार्ड बनवाने के साथ ही बैंक में खाता तक खुलवा लिया। लेकिन शाहबाद पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। इतना ही नहीं वह बरेली में 2017 से रह रहा है लेकिन पुलिस सात साल में पासपोर्ट आफिस से फोन आने के बाद सक्रिय हुई। सोमवार को जेल भेज दिया।
आखिर कैसे बन गया आधार कार्ड और पैन कार्ड
किसी भी व्यक्ति को अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए स्थायी पते की आवश्यकता होती है। उसके बाद ही कोई भी सरकारी कागजात बन सकता है। लेकिन बांग्लादेशी युवक जिला रामपुर के शाहबाद में आकर किराए के मकान में रहने के दौरान उसने आधार कार्ड बनवा लिया। इससे यह जाहिर होता है कि उसने कहीं न कहीं कुछ लोगों साठ-गांठ करके फर्जी दस्तावेज के सहारे ऐसे काम किए हैं। पुलिस को ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
