रायबरेली: सहकारी केंद्रों पर डीएपी का संकट, किसान परेशान
रायबरेली। गेहूं की बोआई को लेकर किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है लेकिन डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान है। शिवगढ़ और ऊंचाहार में डीएपी की सबसे अधिक किल्लत है। यहां पर खाद केंद्रों पर डीएपी नहीं है। इस कारण किसानों को हंगामा भी करना पड़ता है। डीएपी की बात की जाए तो …
रायबरेली। गेहूं की बोआई को लेकर किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है लेकिन डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान है। शिवगढ़ और ऊंचाहार में डीएपी की सबसे अधिक किल्लत है। यहां पर खाद केंद्रों पर डीएपी नहीं है। इस कारण किसानों को हंगामा भी करना पड़ता है।
डीएपी की बात की जाए तो साधन सहकारी समिति अछई में खाद को लेकर किसान दो दिन से परेशान हैं। लाइन में खड़ा होने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यहां पर किसानों ने सचिव पर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि सचिव के कारण खाद किसानों को नहीं मिल पा रही है।
साधन सहकारी समिति अछई में डीएपी खाद को लेकर किसानों की सुबह से ही लंबी लाइन लग जाती है। इसके बाद भी सभी किसानों को खाद नहीं मिलती है।खाद को लेकर हंगामा के चलते पुलिस भी लगाई गई है। सचिव जितेंद्र कुमार यादव का कहना है कि 120 बोरी खाद किसानों को दी गई है। किसान बेवजह हंगामा करते हैं।
पढ़ें- रायबरेली: क्षेत्र की 45 राशन की दुकानों पर गरीबों को नहीं दिया गया राशन, जानें क्यों?
ऊंचाहार में इस समय गेहूं के फसल की बोआई शुरू हो चुकी है लेकिन पूरे क्षेत्र में डीएपी खाद गायब है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी गोदाम नहीं खुला जिससे किसान परेशान रहे। यहीं नहीं पीसीएफ के गोदाम में दिन भर ताला बंद रहा। रिसाल का पुरवा गांव निवासी दयाराम पूरे लाल सिंह गांव निवासी लल्लन व अर्जुन प्रसाद , कनक पुर निवासी सूरज और खरौली निवासी शिव पति खाद के लिए दिन भर ऊंचाहार में भटकते रहे लेकिन उनको खाद नहीं मिल पाई है ।
इन समितियों में नहीं डीएपी
खीरों क्षेत्र की 10 समितियों में से अधिकांश में यूरिया उपलब्ध है। जबकि, डीएपी नदारद है। किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर डीएपी, पोटास, सल्फर आदि खरीदने को विवश हैं। लालगंज क्षेत्र की नौ साधन सहकारी समितियों में से केवल दो में ही खाद उपलब्ध है। साधन सहकारी समिति जोगापुर और हरीपुर में 15-15 टन डीएपी आई है। अंबारा पश्चिम, गोविदपुर वलौली, बहाई व चम्पतपुर बेमौरा में भी डीएपी नहीं है।
इनके नहीं खुलते ताले
सरेनी क्षेत्र की साधन सहकारी समिति सरेनी, भोजपुर, निसगर, रायपुर मजगंवा, इब्राहिमपुर में संचालित है। लेकिन, इनमें डीएपी नहीं है। वहीं मुरारमऊ, धोरेमऊ, हैबतपुर व अंबरपुर समितियां बंद हैं। लखनापुर के किसान रामदयाल व कोरवा के कृष्णचंद्र दिक्षित ने बताया कि धान की रोपाई शुरू है, डीएपी की सख्त जरूरत है।
पीसीएफ प्रबंधक उमेश यादव ने कहा कि खाद को लेकर इफको के अधिकारियों से बात हुई है। 2400 एमटी की रैक जल्द आनी है। डीएपी आते ही समितियां में पहुंचा दी जाएगी।
