डीडीयू के दीक्षांत समारोह में पहुंची राज्यपाल, टाइफैक टेली हेल्थ कार्यक्रम का किया शुभारंभ
गोरखपुर। बुधवार को गोरखपुर के दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के 40 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची महामहिम राज्यपाल ने टाइफैक टेली हेल्थ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक विजन है ‘सबका स्वास्थ्य ,सबका विकास’ l इसी के साथ उन्होंने ‘स्वस्थ भारत’ की दिशा …
गोरखपुर। बुधवार को गोरखपुर के दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के 40 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची महामहिम राज्यपाल ने टाइफैक टेली हेल्थ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक विजन है ‘सबका स्वास्थ्य ,सबका विकास’ l इसी के साथ उन्होंने ‘स्वस्थ भारत’ की दिशा में एक प्रमुख कार्यक्रम की शुरुआत भी की हैl
भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है जिसे डॉक्टरों की सेवा की बहुत आवश्यकता है और जो बड़े पैमाने पर महानगरों से बाहर हैंl ग्रामीण आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बहुत जरूरत हैl ग्रामीण भारत तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना, एक बड़ी चुनौती हैl कोविड -19 के दौरान यह समस्या और बढ़ गई हैl खासकर उन लोगों के लिए तो स्थति और भी विषम हो गई है जो पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैंl
उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए ,विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ,भारत सरकार के एक स्वायत्तशासी संगठन और भारत के प्रौद्योगिकी थिंक टैंक प्रौद्योगिकी सूचना ,पूर्वानुमान एवं मूल्यांकन परिषद (टाइफैक) ने एक मापनीय पायलेट निदर्शन टेली मेडिसन परियोजना (प्लग एण्ड प्ले मॉडल) की अवधारणा प्रस्तुत की है ताकि सुदूर क्षेत्रों में रहने वाली वंचित महिलाओं और बच्चों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंl
इस परियोजना का उद्देश्य ,इन क्षेत्रों के निवासियों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए, अत्याधुनिक टेली डाइग्नोस्टिक प्रौद्योगिकियों के प्रयोग के प्रभाव को दर्शाना हैl इस प्रौद्योगिकीय आउटरीच प्रणाली के माध्यम से, ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो पायेंगी जो अब तक इन्हें प्राप्त करने से वंचित रहे थेl यूं तो हमारे देश में टेली कन्सल्टन्सी की अनेक गतिविधियां चल रही हैं लेकिन यह टेली डायग्नोसिस के लिए प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और ई हेल्थ रिकार्ड को बनाने के प्रथम प्रयासों में से एक है l
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इस परियोजना को आई आई टी मद्रास के साथ साझेदारी में और सी डैक मोहाली के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है l मे. हेल्थ क्यूबड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा डाइग्नोस्टिक किट्स की आपूर्ति की जा रही है l
महिलाओं /बच्चों की धारण योग्य उपकरणों से जांच ,ई -संजीवनी क्लाउड के माध्यम से स्वास्थ्य डाटा का विश्लेषण और ईएचआर के विकास के लिए डाटा को डॉक्टरों के पूल तक भेजना शामिल है l वो मानक जिनका विश्लेषण किया जाएगा, उनमें ईसीजी , हृदय दर ,रक्त दाब ,लिपिड प्रोफाइल , हीमोग्लोबिन और फैटल ड्रॉपलर शामिल हैं l
शुरुआत में तीन जिलों ; गोरखपुर,वाराणसी और मणिपुर के कामजोंग के लगभग साठ हजार रोगियों को कवर किया जाएगाl इसमें आउटरीच भागीदार के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्व विद्यालय,गोरखपुर ,बीएचयू वाराणसी और एनआईटी ,मणिपुर शामिल हैं l
इलेक्ट्रो कार्डियोग्राफिक जांच (हृदय रोग परीक्षण) ,हृदय दर का मापन ,रक्त दाब का मापन, रक्त ऑक्सीजेनेशन का मापन, लिपिड प्रोफाइल , हीमोग्लोबिन और माता और शिशु की देखभाल (फैटल ड्रॉपलर) आदि l
संग्रहीत डाटा के मूल्यांकन और उचित सलाह देने हेतु दस प्रसिद्ध डॉक्टरों का एक पैनल भी बनाया गया है l इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रोफ़े.राजीव सिंह , उपकुलपति ,दीनदयाल विश्वविद्यालय,गोरखपुर और प्रोफे. प्रदीप श्रीवास्तव , कार्यकारी निदेशक , टाइफैक, दिल्ली की उपस्थिति में इस परियोजना का शुभारंभ किया l
