बरेली: ट्रेन में सफर को जाते वक्त अब जंक्शन से लेते जाएं किताबें

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। ट्रेन में यात्रा करते वक्त अक्सर लोगों को किताबें पढ़ने की आदत होती है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर बुक स्टाल संचालित किए जाते हैं लेकिन बरेली जंक्शन पर कोरोना काल शुरू होने के साथ ही बुक स्टाल बंद चल रहे थे। मगर अब जंक्शन पर आने जाने वाले यात्रियों …

बरेली, अमृत विचार। ट्रेन में यात्रा करते वक्त अक्सर लोगों को किताबें पढ़ने की आदत होती है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर बुक स्टाल संचालित किए जाते हैं लेकिन बरेली जंक्शन पर कोरोना काल शुरू होने के साथ ही बुक स्टाल बंद चल रहे थे। मगर अब जंक्शन पर आने जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। यात्री एक बार फिर मन पसंद किताबें खरीदकर सफर के दौरान ले जा सकेंगे क्योंकि बीते करीब 20 महीने से बंद चल रहा बुक स्टाल शुरू हो चुका है।

जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दो स्थान बुक स्टाल के लिए रखे गए हैं। पहला स्टेशन मास्टर कार्यालय के पास तो दूसरा पार्सल घर के पास। सर्वोदय साहित्य और सर्व सेवा संघन प्रकाशन राजघाट द्वारा पार्सल घर के पास बुक स्टाल एक बार फिर यात्रियों की सुविधा के लिए खोल दिया गया है। यहां अधिकतर किताबें महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई या उनके जीवन से जुड़ी हैं। वहीं धर्म और अध्यात्म से जुड़ी किताबों की संख्या भी अधिक है। स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि सर्वोदय साहित्य ने स्टाल शुरू किया है।

संस्था का अनुबंध रेलवे बोर्ड द्वारा ही होता है। काफी समय से यात्रियों द्वारा बुक स्टाल खोलने जाने की मांग की जा रही थी। इलाहाबाद निवासी स्टाल संचालक राधे श्याम ने बताया कि सर्व सेवा संघ की शुरूआत क्रांतिकारियों और आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले महान नेताओं की गौरव गाथा आने वाली पीढ़ियों तक साहित्य के माध्यम से पहुंचाने के मकसद से की गई थी। बीती 7 दिसंबर से दोबारा स्टाल खोला है अभी पहले की तरह लोग किताबे खरीदने नहीं आ रहे हैं। कोरोना के चलते स्टाल को बंद कर दिया था।

बुक स्टाल अब होगा मल्टी परपज स्टाल
स्टेशन मास्टर कार्यालय के पास एक दूसरा किताबों का स्टाल हुआ करता था। इसका संचालन ठेका कंपनी एएच व्हीलर द्वारा किया जाता है। कोरोना काल शुरू होने के साथ यह स्टाल भी बंद कर दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक एक बार फिर स्टाल का ठेका हो चुका है। लेकिन अभी एएच व्हीलर द्वारा इसका संचालन शुरू नहीं किया गया। हालांकि इस बार रेलवे प्रशासन ने किताबों के स्टाल का ठेका मल्टी परपज स्टाल के रूप में दिया है। यानी यहां किताबों के साथ-साथ दूसरी वस्तुएं भी यात्रियों को मिल पाएंगी।

संबंधित समाचार