विधानसभा सत्र के अंतिम दिन भावुक हुए अध्यक्ष, कही ये बड़ी बात

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लखनऊ। विधानसभा सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित भावुक हो गये। आंख में आंसू भरे अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदन की गरिमा बनाये रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की विदाई के समय वह कुछ भी कहने को असमर्थ पा रहे हैं। विधानसभा सत्र के …

लखनऊ। विधानसभा सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित भावुक हो गये। आंख में आंसू भरे अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदन की गरिमा बनाये रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की विदाई के समय वह कुछ भी कहने को असमर्थ पा रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव में जब हम जाते हैं तो हमें अग्नि स्नान करना पड़ता है। नेताओं को उस व्यक्ति के आगे भी हाथ जोड़ना पड़ता है जो हमें गालियां भी देते हैं। यह किसी अग्नि स्नान से कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा प्रदेश की जनता की भाग्यविधाता होती है, इसके संचालन में हमें सभी सदस्यों का सहयोग मिला।

इससे पूर्व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विदाई का वक्त काफी तकलीफदेह है। सदन में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच खट्टे-मीठे अनुभव होते हैं, पर इन्हें भुलाकर हमें लोकतंत्र की रक्षा के लिए काम करना चाहिए। सदन को नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, कांग्रेस की नेता विधानमंडल आराधना मिश्रा मोना व बसपा के नेता विधानमंडल दल उमाशंकर सिंह ने सदन के सफल संचालन के लिए अध्यक्ष की सराहना की।

योगी ने यूपी को गुंडों से किया मुक्त

लखनऊ। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने राज्य से गुंडों और माफियाओं का सफाया कर दिया है जबकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारें इनका संरक्षण करती थी। मेरा मानना है कि जिस प्रदेश में गुंडों का राज हो, वहां कभी गरीबों का विकास नहीं हो सकता। इनका विकास तभी संभव है, जब प्रदेश में कानून का राज हो।

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