बरेली: मंडी शुल्क फिर लागू होने पर व्यापारियों का प्रदर्शन

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बरेली, अमृत विचार। मंडी शुल्क व्यवस्था लागू होने पर बिफरे व्यापारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किराना, गल्ला, तिलहन ,दलहन, दाल मिल, राइस मिल, मेंथा आयल, प्लाईवुड उद्योग, लकड़ी उद्योग आदि …

बरेली, अमृत विचार। मंडी शुल्क व्यवस्था लागू होने पर बिफरे व्यापारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किराना, गल्ला, तिलहन ,दलहन, दाल मिल, राइस मिल, मेंथा आयल, प्लाईवुड उद्योग, लकड़ी उद्योग आदि से संबंधित व्यापारियों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दिया।

धरने का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार किसानों को कानून वापस करके राहत देना चाहती है। गरीबों को राशन बांटना चाहती है। छात्रों को मिड डे मील देना चाहती है। इससे व्यापारियों को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सरकार व्यापारियों पर किसी स्तर पर तो रहम करे? उन्होंने कहा कि सरकार ने आढ़तियों को मालिक बनाने की मंशा पर पानी फेर दिया। पहले मंडी समितियों में काम करने की सरकार ने छूट दी। अब धोखा किया जा रहा है। मांग के बाद भी मंडी की दुकानों का मालिकाना हक आज तक नहीं मिल सका।

प्रदेश की मंडियों से 2000 करोड़ रुपये मंडी से टैक्स मिलता है। इससे दोगुना घूस मंडी निरीक्षकों की जेब में जाती हैं। ऐसे में कृषि कानूनों की वापसी सीधे-सीधे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास है। अध्यक्षता कर रहे दाल मिल एसोसिएशन के वरिष्ठ महामंत्री सुरेश चंद्र जैन ने कहा कि भाजपा की सरकार को शायद गलतफहमी है कि व्यापारी उनका बंधुआ वोट बैंक है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो व्यापारियों की नाराजगी ऐतिहासिक होगी।

महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि सामान्यतः व्यापारी अपने कारोबार में व्यस्त रहते हैं लेकिन जब बात उत्पीड़न और आत्मसम्मान की आती है तो व्यापारियों का संघर्ष सदैव ऐतिहासिक रहा है। पूर्व में व्यापारियों के कारण हेमवती नंदन बहुगुणा को सरकार गंवानी पड़ी थी। इसलिए उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व्यापारियों को इसकी पुनरावृत्ति का अवसर नहीं देंगे।

धरने में प्रदेश संगठन मंत्री अंजनी गुप्ता, अनुज पांडेय, नरोत्तम आर्य, मुकेश अग्रवाल,अनिल सक्सेना, किराना कमेटी के अध्यक्ष गुलशन सब्बरवाल, त्रिलोकीनाथ गुप्ता ,दाल मिल एसोसिएशन अध्यक्ष मोहित अग्रवाल, चंद्रसेन गंगवार, रामआसरे, अश्वनी शर्मा, नीरज खंडेलवाल, अवधेश अग्रवाल, कैलाश मित्तल, मोहित आदि ने विचार रखे। धरने में केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी, सर्राफा एसोसिएशन के मुकेश अग्रवाल, आदेश, रवि अरोरा, सौरभ, राजेश, अनुज पांडे, भरत रजानी, रामरतन, रोशन अग्रवाल, गुरमीत आदि शामिल रहे। संजीव चांदना ने धरने को सफल बनाने पर व्यापारियों का धन्यवाद किया।

आपने नहीं मैंने पहुंचाया था घर-घर राशन कोरोना काल में
धरने में व्यापरियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हाथ में लिए मेरी भी सुनो मोदी सरकार, आपने नहीं मैंने पहुंचाया था घर-घर राशन कोरोना काल में आदि के पोस्टर लिए व्यापारियों ने मांगें नहीं मानने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी।

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