मुरादाबाद : पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बर्फबारी से बदला मौसम, ठंड से ठिठुर गए लोग

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मुरादाबाद, अमृत विचार। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी ने ठंड का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बीते साल मौसम का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस था, जो शनिवार को तीन पर पहुंच गया। मौसम के इस करवट से लोग, पशु-पक्षी कांप उठे। दो दिनों से मौसम का बदल रहा मिजाज शीतलहर में तब्दील हो गया। कोहरे …

मुरादाबाद, अमृत विचार। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी ने ठंड का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बीते साल मौसम का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस था, जो शनिवार को तीन पर पहुंच गया। मौसम के इस करवट से लोग, पशु-पक्षी कांप उठे। दो दिनों से मौसम का बदल रहा मिजाज शीतलहर में तब्दील हो गया।

कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। दिन में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी हवा के तेवर कड़े होने के कारण वातावरण में घना कोहरा छा गया। गलन भरी हवा के चलते महानगर के पार्कों में भी सुबह सन्नाटा पसरा रहा। मार्निंग वॉक के लिए निकलने वालों की संख्या भी रोज की अपेक्षा कम दिखाई दी। काफी देर तक धूप नहीं निकली। बर्फीली हवा के चलने से लोगों को गलन का अहसास होता रहा। दोपहर होते-होते मौसम में कुछ गर्मी की उम्मीद थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। शहर की सड़कों व राजमार्ग पर भी वाहन रेंगते दिखाई दिए। दुकानदार व राहगीर ठंड से बचने के लिए अलावों के पास सिकुड़े बैठे रहे।

शीतलहर में शहर की हवा भी खराब
मुरादाबाद। अचानक बढ़ी ठंड के बीच वातावरण में धूल भरी हवा का असर भी बदस्तूर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में मुरादाबाद शीर्ष पर है। यानी की शहर की हवा भी खराब है। मौसम विज्ञानियों को इस बात की खुशी थी कि ठंड से वायु गुणवत्ता सूचकांक नहीं बढ़ेगा। लेकिन, शनिवार को यह उम्मीद भी टूट गई। मुरादाबाद की हवा खराब पाई गयी। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ की तुलना में मुरादाबाद की हवा अधिक प्रदूषित पाई गई। जानकार इसके पीछे वाहन जनित प्रदूषण को मुख्य कारण बता रहे हैं। उधर शहरी क्षेत्र में लाजपत नगर और रेलवे स्टेशन के मालगोदाम क्षेत्र में लोग ठंड से परेशान नजर आए।

प्रशासन ने 19 स्थानों पर क्रियाशील किए आश्रयगृह
मुरादाबाद। भयंकर शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने निराश्रित एवं असहायों की जरूरत के लिए 19 स्थानों पर आश्रयगृह की सुविधा दी है। इसमें शहरी क्षेत्र में नगर निगम के (11), नगर पंचायत ढकिया (एक), नगर पंचायत भोजपुर धर्मपुर (एक), नगर पंचायत कुंदरकी (एक), नगर पंचायत पाकबड़ा (एक), नगर पंचायत अगवानपुर (एक), नगर पंचायत महमूदपुर माफी (एक), नगर पंचायत कांठ (एक), नगर पंचायत उमरी (एक) की स्थापना की गई है। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) युगराज सिंह ने बताया कि 4000 कंबल तहसीलों को भेज दिए गए हैं।

सुबह-शाम टहलने से बचें
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनके मिश्र का कहना है कि ठंड के साथ हृदयरोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। सीने में दर्द, सांस फूलने, सीढ़ी चढ़ने पर हांफने आदि की दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। सुबह और शाम की सैर या टहलने से परहेज करें। सूरज की तपिश बढ़ने के बाद ही निकलें।

ठंड के साथ अस्पताल में बढ़े मरीज, काउंटर पर दवा की कमी
मुरादाबाद। सर्दी के सितम का असर जिला अस्पताल की ओपीडी में भी दिखने लगा है। एक सप्ताह से लगातार कम हो रहे तापमान से बढ़ रही ठंड के कारण लोगों में बुखार, सर्दी, जुकाम, कोल्ड निमोनिया, सीने में दर्द व सांस फूलने की शिकायतें सामने आने लगी है। ऐसे रोगी जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने लगे हैं। लेकिन, अस्पताल के स्टॉक में बच्चों के लिए खांसी के सीरप व हृदयरोग से संबंधित कई दवाएं न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में चिकित्सकों ने उन्हें बाहर से खरीदने की सलाह दी। ओपीडी में डेढ़ हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ व अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों ठंड के चलते कोल्ड निमोनिया, कोलाइटिस, बच्चों को सर्दी, खांसी व पसली चलने की दिक्कत अधिक हो रही है। बच्चों को बहुत जरूरी होने पर ही सुबह और देर शाम घर से बाहर ले जाएं।

रात 7:49 बजे, शेल्टर होम, हरथला
हरथला स्थित आश्रय शेल्टर होम में कोई व्यक्ति नहीं दिखा। वहां सभी बैड खाली थे। व्यवस्था संभाल रहे राज कुमार सैनी ने बताया कि आश्रय स्थल में चार बेड के साथ ही पीने के पानी की पूरी व्यवस्था है। हालांकि स्नान करने के लिए गीजर नहीं है।

रात 8 बजे, शेल्टर होम, जाटव बस्ती
हरथला जाटव बस्ती स्थित शेल्टर होम कोई व्यवस्था नहीं मिली। चौकीदार भी आश्रय स्थल से गायब था। यहां कुल सात बेड का आश्रय स्थल है। इसमें कुछ बेड टूटी हैं, तो कुछ के गद्दे ही फटे हुए थे। वहीं रसोई और स्नान घर में ताला लटका हुआ था।

रात 8:25 बजे, आश्रय स्थल स्टेशन रोड
स्टेशन रोड स्थित शेल्टर होम पर सभी व्यवस्था पूरी पाई गई। यहां 15 लोग ठहरे हुए थे। वहीं सर्दी में स्नान के लिए गीजर की व्यवस्था थी। प्रबंधक पदम सिंह का कहना है कि आश्रय स्थल में 36 बेड हैं। देहरादून से आए राजीव आहूजा ने बताया व्यवस्था पूरी सही है। कोई समस्या नहीं है। हालांकि रेलवे स्टेशन पर द्वितीय श्रेणी प्रतिक्षालय के सामने यात्री ठंड से सिकुड़ते नजर आए।

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