मुरादाबाद : साल गुजरने की और, धरी रह गई 128 परियोजनाएं
मुरादाबाद, अमृत विचार। अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से इस साल भी लैस नहीं हो पाएंगे, क्योंकि बजट के अभाव के चलते कुंदरकी, डिलारी और बिलारी में प्राइमरी जूनियर हाई स्कूल और ब्लॉक में पेयजल पाइप लाइन का 40 फीसदी ही काम ही पूरा हो पाया है। ऐसे में विभाग की 128 परियोजनाएं अधर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से इस साल भी लैस नहीं हो पाएंगे, क्योंकि बजट के अभाव के चलते कुंदरकी, डिलारी और बिलारी में प्राइमरी जूनियर हाई स्कूल और ब्लॉक में पेयजल पाइप लाइन का 40 फीसदी ही काम ही पूरा हो पाया है। ऐसे में विभाग की 128 परियोजनाएं अधर में अटकी
हुई हैं।
प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाकों को मूलभूत सुविधाओं से लैस करने के दावे धरातल हवा हवाई साबित हो रहे हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जुलाई 2018 में सरकारी व अर्द्धसरकारी शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व सड़क के अलावा स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाओं की पूर्ति के लिए 7,116 करोड़ के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे, जिस पर उन्हें स्वीकृति मिल गई थी।
पहले चरण में 30 फीसदी बजट जारी होने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू किया गया। तीन सालों में शासन की ओर से मात्र 30 फीसदी पैसा ही जारी किया गया है। इसमें स्मार्ट क्लास का कार्य तो पूरा हुआ है, जबकि प्राइमरी जूनियर हाई स्कूल और ब्लॉक में पेयजल पाइपलाइन का 60 फीसदी काम अधर में लटका हुआ है।
नहीं मिलेगी प्राइमरी स्कूल की सौगात
छजलैट में 2019 में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल बनाने के निर्माण के लिए 25 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति भी मिल गई। 2021 में निर्माण कार्य पूरा होना था। लेकिन, शासन द्वारा मात्र 13 लाख रुपये ही जारी किए गए। ऐसे में कार्यदायी संस्था ने निर्माण से मना कर दिया।
इंदिरा आवास परियोजना पर रोक
शासन की ओर से इंदिरा आवास परियोजना पर रोक लगा दी गई है। 2012 में 10 करोड़ रुपये की लागत से 308 इंदिरा आवास तैयार किए जाने थे। शासन द्वारा 30 फीसदी की पहली किस्त जारी होने के बाद आवास का काम शुरू तो हुआ। लेकिन, पूरा नहीं हो पाया। बजट न मिलने से योजना पर इस वर्ष रोक लगा दी गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि कार्यों को पूरा करने के लिए विभाग द्वारा शासन से लगातार बजट की मांग की जा रही है। 7,116 करोड़ की 128 परियोजनाओं पर वर्ष 2018 में कार्य शुरु हुआ था। अब शासन द्वारा बजट जारी होने के बाद ही परियोजनाओं का कार्य पूरा हो पाएगा।
