बहराइच में ‘बाघ सुरक्षा सप्ताह’ के तहत कार्यशाला का हुआ आयोजन

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बहराइच। जिले के कतर्नियाघाट रेंज के बर्दिया गांव में ‘बाघ सुरक्षा सप्ताह’ के तहत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में ग्रामीणों को बाघ और जंगल की सुरक्षा की जानकारी दी गई। साथ ही इस दौरान कहा गया कि बाघ की सुरक्षा ग्रामीणों के सहयोग से ही संभव है। कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब की ओर बाघ …

बहराइच। जिले के कतर्नियाघाट रेंज के बर्दिया गांव में ‘बाघ सुरक्षा सप्ताह’ के तहत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में ग्रामीणों को बाघ और जंगल की सुरक्षा की जानकारी दी गई। साथ ही इस दौरान कहा गया कि बाघ की सुरक्षा ग्रामीणों के सहयोग से ही संभव है।

कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब की ओर बाघ सुरक्षा माह के तहत आंबा घाट पर लगे जागरूकता बोर्ड का नवीनीकरण किया गया। इसके बाद थारू बाहुल्य गांव बर्दिया में बाघ सुरक्षा माह पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में ग्रामीणों को जंगल में बाघ की उपस्तिथि का महत्व समझाते हुए उन्हें इनके संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

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कार्यशाला में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अद्धयक्ष भगवान दास लखमानी नें कहा बाघ हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है। सम्पूर्ण भारत में लगभग 3000, उत्तर प्रदेश में 172 और कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में लगभग 35 बाघ मौजूद हैं। बाघ जंगल की खाद्य श्रृंखला का प्रमुख जीव है, बाघ बिना वजह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते, बाघ किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले शाकाहरी वन्य जीवों नीलगाय, जंगली सुवर, पाढ़ा, चीतल इत्यादि को खाकर उनकी संख्या को नियंत्रित रखता है।

साथ ही बाघ से वन की सुरक्षा होती है और वनों से हमें अनेक प्रकार के लाभ जैसे की जलौनी लकड़ी, फूस, चारा, जड़ी बूटी, शुद्ध हवा मिलते हैं। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि हम बाघों की सुरक्षा एवं संरक्षण में सहयोग करें। इस अवसर पर क्लब के सचिव राजीव श्रीवास्तव व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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