वाराणसी में बनास डेयरी का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी, जानें कितने रुपए कमा सकेंगे पशुपालक
वाराणसी। काशी सहित 6 जिलों के पशुपालकों को अब घर बैठे रोजगार मिलेगा। जिसको लेकर 23 दिसंबर को करखियांव में गुजरात के बनासकांठा जिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की बनास डेयरी का शिलान्यास पीएम मोदी करेंगे। 5 लाख लीटर रोजाना दुग्ध तैयार करने वाली यह डेयरी 30 एकड़ जमीन में 457 करोड़ रुपए की लागत …
वाराणसी। काशी सहित 6 जिलों के पशुपालकों को अब घर बैठे रोजगार मिलेगा। जिसको लेकर 23 दिसंबर को करखियांव में गुजरात के बनासकांठा जिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की बनास डेयरी का शिलान्यास पीएम मोदी करेंगे। 5 लाख लीटर रोजाना दुग्ध तैयार करने वाली यह डेयरी 30 एकड़ जमीन में 457 करोड़ रुपए की लागत से लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार होगी।
डेयरी के शिलान्यास के साथ ही पीएम बनास डेयरी के 1 लाख 75 हजार दुग्ध उत्पादकों के खाते में 2020-21 के लाभांश के 35.19 करोड़ रुपए डिजिटल सिस्टम से ट्रांसफर करेंगे।
बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरभाई चौधरी ने बताया कि कानपुर और लखनऊ के बाद अब वाराणसी में यह काम शुरू होने जा रहा है। इस डेयरी से वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जिले के 1000 गांवों के किसानों को लाभ होगा। इन किसानों को हर महीने उनके दूध के बदले 8000 से 10 हजार रुपए तक मूल्य मिलेगा। इस प्रोजेक्ट में 750 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। लगभग 2 हजार 350 लोग प्रोजेक्ट से जुड़े सहायक कार्यों से जुड़कर काम करेंगे।
10 लाख लीटर दुग्ध उत्पादों के उत्पादन का रखा गया है लक्ष्य…
चौधरी ने बताया कि इस प्लांट में प्रतिदिन 50 हजार ली. आइसक्रीम, 20 टन पनीर, 75 हजार लीटर बटर मिल्क, 50 टन दही, 15 हजार लीटर लस्सी और 10 हजार किलोग्राम अमूल मिठाई का उत्पादन होगा। इस प्लांट की एक बेकरी यूनिट भी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जुलाई 2021 में हमने डेयरी फार्मिंग के लिए वाराणसी के किसान परिवारों को सर्वेश्रेष्ठ गोवंश की 100 देसी गायें दी थी।
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इन किसानों को गोपालन और डेयरी फार्म प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया था और पशु पालन के लिए लगातार मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इसके साथ ही कहा कि यह दूध अमूल की कुल दूध प्राप्ति में एक तिहाई योगदान है।
