बरेली: एयरपोर्ट में नया एप्रेन बनाने को मंजूरी
बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा कारणों की वजह से मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानें निरस्त रहीं थीं। सैकड़ों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। आपात स्थिति को छोड़कर अन्य किसी समय में उड़ाने निरस्त न रहें, इसको ध्यान में रखते एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की तैयारी की जा रही है। इसमें …
बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा कारणों की वजह से मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानें निरस्त रहीं थीं। सैकड़ों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। आपात स्थिति को छोड़कर अन्य किसी समय में उड़ाने निरस्त न रहें, इसको ध्यान में रखते एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की तैयारी की जा रही है। इसमें रन वे बनाए जाने की चर्चा भी शुरू हो गई है। रन वे बनने से उड़ानें निरस्त होना भी बंद हो जाएंगी। साथ ही आगामी साल में बरेली एयरपोर्ट में ही 180 सीटर एयरबस खड़ी हो सके, इसके लिए एप्रेन बनाया जाएगा, जिसकी मंजूरी मिल चुकी है।
माना जा रहा है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से करीब 20 करोड़ रुपये की जो धनराशि मिलने वाली थी, उसके जारी होने की उम्मीद है। नया एप्रेन बनने से एयरबस और एटीआर एयरपोर्ट में ही खड़े हो सकेंगे। बरेली से मॉर्निंग फ्लाइट बड़े शहरों के लिए शुरू होने की उम्मीद भी है।
दरअसल, 18 दिसंबर को मोदी के हैलीकाप्टर के त्रिशूल एयरफोर्स पर उतरने और उड़ान भरने के दौरान मुंबई व बेंगलुरू की फ्लाइटों की टाइमिंग लगभग सेम होने की वजह से चारों उड़ानें निरस्त करने की भी प्रमुख वजह सामने आई। बरेली एयरपोर्ट के पास अपना रन-वे नहीं है।180 सीटर एयरबस एयरफोर्स के रन-वे से ही उड़ान भरती हैं। दोनों महानगरों के लिए इंडिगो की कामर्शियल उड़ान संचालित होती है। यदि एयरपोर्ट का अपना रन-वे बना होता तो उड़ानें निरस्त करने की नौबत नहीं आती।
8 मार्च को बरेली से दिल्ली के लिए हवाई यात्रा शुरू हुई। एयर ट्रैफिक अच्छा मिलने की वजह से इंडिगो ने मुंबई और बेंगलुरू के लिए कामर्शियल उड़ानें शुरू कीं। जल्द लखनऊ के लिए उड़ान शुरू होने वाली है। ऐसे में सभी फ्लाइटें उड़ान भरने के लिए एयरफोर्स के रन-वे का ज्यादातर प्रयोग करेंगी तो सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा होगा। इसके साथ फ्लाइटों के रेगुलर संचालन में भी दिक्कतें सामने आएंगी। ऐसी स्थिति फिर न आए, इसको लेकर एप्रेन बनाने की तैयारी है।
बरेली एयरपोर्ट निदेशक ने नया एप्रेन बनाने के लिए भारतीय विमान प्राधिकरण को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे मंजूरी मिलने की बात सामने आई है। यह भी माना जा रहा है कि 2022 में एप्रेन बनने के बाद एयरबस और एटीआर भी एयरपोर्ट में ही खड़े हो सकेंगे।
मुंबई की फ्लाइट के आरंभ होने के मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जल्द शेष धनराशि जारी करने का आश्वासन दिया था। नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने भी धनराशि को जारी करने और एप्रेन को जल्द बनवाने की बात कही थी। बताया जाता है कि यदि वह रकम मिल गई तो एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को काफी बल मिलेगा।
इधर, बरेली एयरपोर्ट निदेशक राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि एप्रेन का प्रस्ताव भारतीय विमान प्राधिकरण को भेजा गया है। जल्द ही एप्रेन बनने की बात कहते हुए निदेशक बताते हैं कि एयरबस जब यहीं खड़ी होनी शुरू हो गई तो सुबह के साथ कनेक्टिंग फ्लाइट को भी बढ़ावा मिलेगा।
