दिल्लीवासियों को शीत लहर से मिली मामूली राहत, न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री रहा

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नई दिल्ली। उत्तर पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर की वजह से चल रहीं बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के धीमे पड़ने से बुधवार को दिल्ली में भी लोगों को शीत लहर से मामूली राहत मिली। मौसम विभाग ने बताया कि सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वेधशाला …

नई दिल्ली। उत्तर पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर की वजह से चल रहीं बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के धीमे पड़ने से बुधवार को दिल्ली में भी लोगों को शीत लहर से मामूली राहत मिली। मौसम विभाग ने बताया कि सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वेधशाला में सोमवार और मंगलवार को न्यूनतम तापमान क्रमश: 3.2 डिग्री तथा चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पालम, लोधी रोड, रिज और आयानगर के मौसम केन्द्रों में न्यूनतम तापमान क्रमश: 7.6 डिग्री सेल्सियस, 4.2 डिग्री सेल्सियस, 6.7 डिग्री सेल्सियस और 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), मैदानी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहने पर शीत लहर की घोषणा कर देता है। न्यूनतम तापमान के 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम या सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहने पर भी शीत लहर की घोषणा की जाती है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर पश्चिम भारत में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से सप्ताहांत तक तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह नौ बजे 399 रहा। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि 27 दिसंबर तक वायु गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ या ‘खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान है।

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