क्रिसमस और नए साल की पार्टियों को लेकर संशय में बार और रेस्तरां मालिक, सरकार की तरफ से आदेश स्पष्ट नहीं

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। दिल्ली में बार और रेस्तरांओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ परिचालन की अनुमति देने के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वे क्रिसमस और नये साल की पार्टियां आयोजित कर सकते हैं या नहीं। कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने यह बात कही। डीडीएमए ने …

नई दिल्ली। दिल्ली में बार और रेस्तरांओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ परिचालन की अनुमति देने के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वे क्रिसमस और नये साल की पार्टियां आयोजित कर सकते हैं या नहीं। कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने यह बात कही। डीडीएमए ने सामाजिक और सांस्कृतिक समारोहों पर पाबंदी समेत अपनी कोविड-19 के प्रतिबंधों को तथा बार एवं रेस्तरांओं में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ परिचालन को 31 दिसंबर की मध्य रात्रि तक बढ़ा दिया है। शहर में अनेक रेस्तरां और बार मालिकों ने कहा कि सीट क्षमता 50 प्रतिशत तक सीमित करने का फैसला मददगार नहीं है।

उन्होंने कहा कि वे इस दौरान महामारी से हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद कर रहे हैं। ‘रास्ता’ और ‘येती’ के कर्ताधर्ता जॉय सिंह ने कहा, ”इस बारे में स्थिति साफ नहीं है कि हम पार्टी आयोजित कर सकते हैं या नहीं। हमें उम्मीद है कि सरकार 31 दिसंबर से पहले स्पष्टीकरण जारी करेगी। आदेश में सार्वजनिक स्थलों पर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक है, लेकिन हमारी संपत्ति निजी और व्यावसायिक है।”

उन्होंने कहा कि वे सावधानी से काम कर रहे हैं और केवल बैठकर भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। सिंह ने कहा, ”अगर कुछ सावधानियां अपनाकर हम वायरस के प्रसार को रोक सकें और पूरी तरह लॉकडाउन के हालात नहीं बनने दें तो यह बेहतर है।” कनॉट प्लेस में अनप्लग्ड रेस्तरां के मालिक दिनेश अरोड़ा ने कहा, ”आदेश को लेकर अभी थोड़ा संशय है। हमें उम्मीद है कि एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी। हम डीजे नाइट आयोजित कर रहे हैं लेकिन लाइव बैंड प्रस्तुति या बड़े आयोजन नहीं कर रहे।

सभी दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं।” हालांकि खान मार्केट के एक रेस्तरां मालिक ने नाम जाहिर नहीं होने का अनुरोध करते हुए कहा, ”ओमीक्रोन का खतरा समझ में आता है लेकिन जब दूसरे क्षेत्र खुले हुए हैं तो केवल हमारे उद्योग पर निशाना क्यों।”

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