मुरादाबाद : बैंक मैनेजर, कैशियर व बीसी ने ग्रामीणों को लगाया 30 लाख का चूना

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। बीसी ने शाखा प्रबंधक और कैशियर की मिलीभगत से 200 ग्रामीणों को 30 लाख रुपये का चूना लगा दिया। जानकारी पर ग्रामीणों ने गुरुवार को यूपी ग्रामीण प्रथमा बैंक की ताजपुर माफी शाखा पर हंगामा किया। बैंक अधिकारियों ने उन्हें तीन माह में रकम लौटाने का आश्वासन देकर शांत किया। पीड़ितों ने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। बीसी ने शाखा प्रबंधक और कैशियर की मिलीभगत से 200 ग्रामीणों को 30 लाख रुपये का चूना लगा दिया। जानकारी पर ग्रामीणों ने गुरुवार को यूपी ग्रामीण प्रथमा बैंक की ताजपुर माफी शाखा पर हंगामा किया। बैंक अधिकारियों ने उन्हें तीन माह में रकम लौटाने का आश्वासन देकर शांत किया। पीड़ितों ने कटघर पुलिस को तहरीर देकर रकम दिलाने व आरोपियों को बर्खास्त कर उन पर कार्रवाई की गुहार लगाई।

भोजपुर थानाक्षेत्र के गांव बीजना के 200 से ज्यादा ग्रामीणों का यूपी ग्रामीण प्रथमा बैंक की ताजपुर माफी स्थित शाखा में खाता है। इसी गांव का अजय प्रताप बीसी है। गांव में ही उसकी मिनी शाखा है। ग्रामीण अजय के जरिए पैसों का लेन-देन करते हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि अजय पैसों का लेन-देन करते समय अंगूठे मशीन पर लगवाने के बाद अंगूठा न आने की बात कह उन्हें बिना पैसे दिए भेज देता था। इसके बाद वह खुद रकम निकाल लेता था। पैसा जमा करने वालों के पैसे बैंक में जमा नहीं करता था। ग्रामीण पासबुक में एंट्री कराने बैंक जाते थे तो प्रबंधक व महिला कैशियर बहाने बना एंट्री नहीं करते थे। इस तरह तीनों ने मिलकर ग्रामीणों के 30 लाख रुपये डकार लिए।

शिकायत पर मैनेजर व कैशियर ने जेल भेजवाने की दी धमकी
आरोप है कि ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अजय प्रताप से की तो गाली-गलौज करने लगा। ग्रामीणों ने शाखा प्रबंधक व कैशियर ने भी शिकायत करने पर धक्के देकर बैंक से भगा दिया। प्रबंधक ने ग्रामीणों को जेल भेजवाने की भी धमकी दी। गांव के महिला-पुरुष एकत्र होकर गुरुवार को शाखा पर हंगामा करने लगे। कटघर पुलिस मौके पर पहुंच ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी अजय प्रताप, शाखा प्रबंधक व महिला कैशियर से हड़पी गई रकम दिलाने व आरोपियों को बर्खास्त करने तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की।

तथ्यों के आधार पर की जाएगी कार्रवाई
ग्रामीणों के तेवर देख बैंककर्मियों ने खुद को अंदर बंद कर लिया। जानकारी पर बैंक के उच्चाधिकारी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को तीन माह में उनकी पूरी रकम वापस कराने का आश्वासन दिया। मगर, ग्रामीणों का कहना था कि तीन महीने का समय काफी लंबा है। इस बीच बच्चों की शादी, पढ़ाई व बीमारी आदि के लिए पैसे कहां से लाएंगे? काफी देर की मशक्कत के बाद ग्रामीण शांत हो गए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को पीड़ितों की सूची खाता संख्या, रकम व मोबाइल नंबर के साथ भेज दी है। मामले में कटघर पुलिस को भी तहरीर दे दी है। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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