लखनऊ: नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए रेलवे बोर्ड अधिकारियों के स्पेशल कोटे से भारतीय रेलवे में ग्रुप-सी के टीसी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र जारी कर कई युवको से करोड़ो रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह के एक सदस्य को नई दिल्ली के …
लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए रेलवे बोर्ड अधिकारियों के स्पेशल कोटे से भारतीय रेलवे में ग्रुप-सी के टीसी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र जारी कर कई युवको से करोड़ो रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह के एक सदस्य को नई दिल्ली के तिलक नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त उत्कर्ष प्रताप सिंह मूलरूप से लखनऊ के मलिहाबाद थानांतर्गत सुरगौला गांव का रहने वाला है।
एसटीएफ की ओर से बताया गया कि गत 30 सितंबर 2020 को सौरभ सिंह नामक युवक द्वारा चिनहट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया गया था कि थाना सुशांत सिंह गोल्फ सिटी, लखनऊ निवासी रितु कौर, जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र निवासी कौशल सिंह व उत्कर्ष सिंह ने खुद को दिल्ली में रेलवे बोर्मेंड के चेयरमैन व महाप्रबंधक का करीबी बताकर अधिकारियों के स्पेशल कोटे से टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर उससे व उसके मौसेरे भाई अभिषेक सिंह लगभग 25 लाख रूपये की ठगी की। जब उन्होंने अभियुक्तों से पैसे मांगे तो जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
एसटीएऊ को सूचना मिली कि अभियुक्त उत्कर्ष नई दिल्ली में रह रहा है। छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। उत्कर्ष ने बताया कि रितु कौर, कौशल सिंह यादव और उसने मिलकर यह संगठित गिरोह बनाया है। जो विभिन्न सरकारी विभागों में बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी धनराशि लेकर कूट रचित नियुक्ति पत्र देकर ठगी करते हैं और प्राप्त रुपये को आपस में बांट लेते हैं व मुकदमा पंजीकृत होने पर फरार हो जाते हैं। एसटीएफ ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व से ठगी के कई मामले दर्ज हैं।
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