सब्जी बेचने के बाद भी जितेंद्र ने क्रिकेट को बनाया अपना भविष्य, नेशनल क्रिकेट लीग में हुआ चयन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रायबरेली। पिता के साथ सब्जी की दुकान पर बैठने के बाद भी क्रिकेट खेलने का जुनून कम नहीं हुआ। उसी का नतीजा है कि कठिन राह को ऐहार के जितेंद्र ने आसान कर दिया और उसका चयन नेशनल क्रिकेट लीग अंडर-19 में हो गया है। बाल्हेमऊ ऐहार निवासी जितेंद्र साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं …

रायबरेली। पिता के साथ सब्जी की दुकान पर बैठने के बाद भी क्रिकेट खेलने का जुनून कम नहीं हुआ। उसी का नतीजा है कि कठिन राह को ऐहार के जितेंद्र ने आसान कर दिया और उसका चयन नेशनल क्रिकेट लीग अंडर-19 में हो गया है।

बाल्हेमऊ ऐहार निवासी जितेंद्र साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं लेकिन क्रिकेट खेलना उनका जूनून है। सब्जी की दुकान करने के साथ ही उसका क्रिकेट खेलने का जुनून इतना बढ़ा कि उसका चयन नेशनल क्रिकेट लीग की अंडर-19 स्टेट टीम में हो गया।जितेंद्र के पिता लकड़ी की गुमटी में पान की दुकान करने के साथ ही सब्जी बेचने का काम करते हैं। वह भी अपने पिता के साथ सब्जी बेचता था। मौका मिलता तो वह गांव के ही मैदान में अपने दोस्तों के साथ मैच खेलने निकल जाता।घर में मौका मिलता तो वह अकेले ही प्रैक्टिस करने लगता।

पढ़ें- AUS vs ENG : ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने कहा- एशेज में मैदान पर आक्रामक प्रतिस्पर्धा देखना चाहता हूं

जितेंद्र के पिता शिव बोधन चौरसिया बताते हैं कि जितेंद्र अपने को कमरे में बंद कर घंटों दीवार पर बाल फेककर एक हांथ से उसे पकड़ने की प्रैक्टिस किया करता था। हाईस्कूल परीक्षा में फेल हुआ तो वह बेंगलूरू चला गया।कड़ी मेहनत व प्रैक्टिस के बाद उसका चयन नेशनल क्रिकेट लीग की अंडर-19 स्टेट टीम में हो गया।

इस बात की जानकारी मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। उसकी मां राममनी देवी का कहना है कि उसके बेटे की मेहनत आखिरकार रंग ले आई।

ये खबर भी पढ़ें- डॉ. नरोत्तम बोले- मध्यप्रदेश में बढ़ रहे हैं कोरोना के केस, टाले जाने चाहिए पंचायत चुनाव

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज