बरेली: 15 हजार गोवंशों के संरक्षण को 31 गो आश्रय स्थल बनेंगे
बरेली, अमृत विचार। 15 हजार गोवंशों को संरक्षित करने के लिए 15 ब्लॉकों में 31 अस्थाई गो आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। एक गो आश्रय स्थल दो से तीन एकड़ भूमि में बनाने की तैयारी है। सभी स्थानों पर भूमि चयनित कर ली गई है। शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे एक साथ गो आश्रय स्थलों का …
बरेली, अमृत विचार। 15 हजार गोवंशों को संरक्षित करने के लिए 15 ब्लॉकों में 31 अस्थाई गो आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। एक गो आश्रय स्थल दो से तीन एकड़ भूमि में बनाने की तैयारी है। सभी स्थानों पर भूमि चयनित कर ली गई है। शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे एक साथ गो आश्रय स्थलों का निर्माण शुरू कराने के लिए भूमि पूजन होगा। जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भूमि पूजन करेंगे।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार शाम प्रेसवार्ता करते हुए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि एक गो आश्रय स्थल में 500 से 1000 गोवंश संरक्षित करने की तैयारी है। आश्रय स्थल के आसपास पक्की दीवार न बनाकर बेरिकेडिंग की जाएगी। पांच शेड, एक भूसाघर व चौकीदार कक्ष भी बनेगा। बेरिकेडिंग के चारों ओर खाई खोदकर पौधरोपण कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि 31 गो आश्रय स्थल 82.33 हेक्टेयर भूमि में बनाए जाएंगे। तीन माह में इनका निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के फंड से धनराशि खर्च के साथ जनसहयोग से भी इनका निर्माण कराएंगे। बरेली में गो संरक्षण एवं नस्ल सुधार समिति बनाई गई है। समिति का आजीवन सदस्य बनने के लिए 11 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इसमें जमा होने वाली रकम के ब्याज की तीन चौथाई धनराशि गो संरक्षण में खर्च की जाएगी। ताकि मुद्रास्फीती पर प्रभाव पड़ने के दौरान गो सेवा में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आए।
डीएम ने बताया कि सीएसआर फंड भी बनाया है। उसकी रकम गो सेवा में खर्च होगी। रोटी और भूसा बैंक भी बनाएंगे। घर-घर से रोटी एकत्र कराने के लिए दिव्यांग को गोपालक बनाकर साइकिल और मानदेय ग्राम निधि से दिलाया जाएगा। भूमि पूजन के मौके पर जिलाधिकारी, सभी एडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, सभी एसडीएम, बीडीओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी 11-11 हजार रुपये की रसीद कटाते हुए समिति के आजीवन सदस्य बनेंगे।
