भारत के प्रति बदला है दुनिया का नजरिया: अश्विनी वैष्णव

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प्रयागराज। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाधान उन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में दुनिया का नजरिया भारत के प्रति बदला है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तिलक हॉल में शनिवार को आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुये वैष्णव ने कहा, 2014 से पहले लंबे समय तक एक ही परिवार का …

प्रयागराज। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाधान उन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में दुनिया का नजरिया भारत के प्रति बदला है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तिलक हॉल में शनिवार को आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुये वैष्णव ने कहा, 2014 से पहले लंबे समय तक एक ही परिवार का देश की सत्ता में प्रभुत्व रहा और इसी परिवार से प्रधानमंत्री हुए। वे सिर्फ समस्याओं की बात करते थे।

जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समाधान उन्मुखी दृष्टिकोण अपनाते है जिसके चलते दुनिया में भारत की पहचान अलग बनी है। हमारे समाज में कई सदियों में कोई युगपुरुष जन्म लेता है। ऐसा व्यक्ति भविष्य की नींव इतनी सुदृढ़ कर देता है कि आने वाले कई वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लोगों को उसका लाभ मिलता है, वहीं युग पुरुष कहलाता है। उन्होंने कहा, “ पहले लोगों का दृष्टिकोण नकारात्मक और समस्याओं की शिकायत करने वाला हुआ करता था। लेकिन अब लोगों का नजरिया बदला है और वे समस्याओं को दूर करने में अपना योगदान करने की बात करते हैं। यह नजरिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है।

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रेल मंत्री ने कहा, “ हमारे एक प्रधानमंत्री शिकायत किया करते थे कि दिल्ली से 100 रुपये भेजते हैं और गांव में पहुंचते-पहुंचते वह 15 रुपये हो जाता है। मोदी शिकायत नहीं करते, बल्कि समाधान निकालते हैं। पैसा सीधे जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए उन्होंने 40 करोड़ खाते खुलवाए। रेलवे में सुधार को लेकर प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के बारे में रेल मंत्री ने कहा, प्लेटफार्म पर गंदगी, रेल की पटरियों पर मल, ट्रेन के सही समय पर चलने आदि मुद्दों पर प्रधानमंत्री बहुत बारीकी से नजर रखते हैं और सब का समाधान निकालने पर जोर देते हैं। वैष्णव ने कहा, प्रधानमंत्री की सोच है कि जो सम्मान उन्हें मिलता है, वहीं सम्मान देश के सभी नागरिकों को मिलना चाहिए। यहीं वजह है कि मोदी समाज के अंतिम पायदान पर टिके व्यक्तियों की बिना किसी भेदभाव के चिंता करते हैं।

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