बरेली: ई-श्रम कार्ड बनवाने के नाम पर जमकर हो रही वसूली
बरेली, अमृत विचार। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को भी ठग पलीता लगाने में जुटे हैं। सरकार की तरफ से असंगठित के कर्मकारों के लिए ई-श्रम कार्ड नि:शुल्क बनाने के निर्देश दिए गए है। उसके बाद भी शहर से लेकर देहात तक में ई-श्रम कार्ड बनाने के नाम पर 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक …
बरेली, अमृत विचार। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को भी ठग पलीता लगाने में जुटे हैं। सरकार की तरफ से असंगठित के कर्मकारों के लिए ई-श्रम कार्ड नि:शुल्क बनाने के निर्देश दिए गए है। उसके बाद भी शहर से लेकर देहात तक में ई-श्रम कार्ड बनाने के नाम पर 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसकी शिकायतें भी लगातार अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो सीएससी वाले पैसे वसूलते मिले, उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
शासन ने असंगठित क्षेत्र के 150 से अधिक प्रकार के श्रमिक मजदूरों के ई-श्रम कार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 13,78,292 असंगठित श्रमिकों के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए नगर निगम, आगंनबाड़ी महिलाएं, बेसिक शिक्षा विभाग के साथ अन्य विभागों को भी लक्ष्य पूरा करने में सहयोग करने को कहा गया है।
इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) को भी कार्ड बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा गया है लेकिन सीएचसी संचालक पंजीयन के नाम पर जमकर उगाही कर रहे हैं। इस संबंध में श्रम विभाग में शिकायत पहुंच रही हैं पर प्रशासन और श्रम विभाग सीएससी संचालकों पर अंकुश लगाने में अक्षम साबित हो रहे हैं। बदायूं रोड के करगैना गांव में दो सीएससी संचालक ई-श्रम कार्ड बनवाने के नाम पर जमकर वसूली कर रहे हैं।
इसके अलावा पिछले दिनों बंडिया गांव में कुछ लोगों ने खुद को श्रम विभाग कार्यालय बताकर कैंप लगाकर जमकर पैसे वसूले थे। जिसके बाद गांव के लोगों ने हंगामा भी किया था। इसकी शिकायत भी अधिकारियों के पास पहुंची थी। वही पिछले दिनों अवैध उगाही करने वाले सीएससी संचालकों की आइडी भी डीएम के निर्देश पर निरस्त की गई थी।
ई-श्रम कार्ड सभी सीएससी संचालकों को नि:शुल्क बनाने को कहा गया है। अगर उसके बाद भी कोई पैसे ले रहा है तो यह गलत है। जांच के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को भेजकर उसकी आईडी निरस्त कराई जाएगी। -सुरेन्द्र सिंह, सहायक श्रमायुक्त
