बरेली: 12 लाख लेकर बैठा वन विभाग, पेड़ ट्रांसलोकेट न होने से चौड़ीकरण थमा
बरेली, अमृत विचार। स्पोर्ट्स स्टेडियम रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए वन विभाग को 12 लाख रुपये का बजट पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने के लिए दिया जा चुका है लेकिन वन अधिकारियों की ओर से अब तक बड़ी संख्या में पेड़ों को ट्रांसलोकेट नहीं किया गया है। इस वजह से रोड के चौड़ीकरण का काम …
बरेली, अमृत विचार। स्पोर्ट्स स्टेडियम रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए वन विभाग को 12 लाख रुपये का बजट पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने के लिए दिया जा चुका है लेकिन वन अधिकारियों की ओर से अब तक बड़ी संख्या में पेड़ों को ट्रांसलोकेट नहीं किया गया है। इस वजह से रोड के चौड़ीकरण का काम भी लटक गया है। वन विभाग से कई बार लिखा-पढ़़ी करने के बावजूद यही जवाब मिल रहा है कि ट्रांसलोकेशन के लिए अब तक टेंडर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है। इस वजह से शहर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगातार देर हो रही है।
नगर निगम 15वें वित्त आयोग से स्टेडियम रोड पर ईंट पजाया से संजयनगर तिराहा और उसके आगे डेलापीर तक रोड के चौड़ाकरण और सौंदर्यीकरण के काम कराने के लिए करीब 11 करोड़ रुपये से काम कराया जा रहा है। रोड चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों साइडों में आड़े आ रहे पेड़ों को ट्रांसलोकेट करना था। इसके लिए वन विभाग ने सर्वे करके 85 पेड़ों को चिन्हित किया था। इन पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने के लिए करीब 12 लाख रुपये का भुगतान वन विभाग को कर दिया था।
शुरुआत में वन विभाग के स्टाफ ने कुछ पेड़ों का कटान और शिफ्ट भी किया लेकिन बाद में काम अधूरा छोड़ दिया। काफी समय से पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने के लिए नगर निगम के अधिकारी वन विभाग से पत्राचार कर रहे हैं लेकिन वन विभाग ने अब इस काम को पूरा नहीं किया। पेड़ों के ट्रांसलोकेट न होने से स्टेडियम रोड के चौड़ीकरण का काम भी लटका हुआ है।
जबकि कांट्रेक्टर ने काफी पहले ही चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों ओर खुदाई करने के साथ पत्थर की बजरी भी डाल दी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में देरी की वजह से पेड़ों को नहीं हटाया जा पा रहा है। इससे प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ने की संभावना के चलते नगर निगम के अधिकारी चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
चौड़ीकरण न हो पाने से सड़क पर चलना दूभर
स्टेडियम रोड पर इन दिनों बीच में डिवाइडर को नए सिरे से बनवाया जा रहा है। इस वजह से ईंट, सीमेंट के ब्लॉक, सीमेंट, बजरी सहित दूसरी निर्माण सामग्री सड़क पर पड़ी है। रोड के साइडों में खुदाई के बाद बजरी है। इसलिए उस पर भी आवागमन नहीं हो पा रहा है। बीच में रोड पर काफी कम जगह बचने से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। जबकि रोड चौड़ीकरण का काम अगर समय से पूरा हो जाता है तो ऐसी समस्या पैदा नहीं होती।
बिजली निगम के अधिकारी भी दिखा रहे ढिलाई
ईंट पजाया से डेलापीर तक बिजली निगम के अधिकारियों को भी पोल व ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग का काम करना है लेकिन इस काम को भी पूरा करने में काफी ढिलाई बरती जा रही है। स्टेडियम के पास, आई हॉस्पिटल के नजदीक सहित कई जगहों पर पोल व ट्रांसफार्मर को शिफ्ट नहीं किया गया है। इस वजह से चौड़ीकरण के काम में भी देरी हो रही है।
स्टेडियम रोड पर पोल व ट्रांसफार्मर को हटाने का काम चल रहा है। कोशिश है कि 31 दिसंबर तक काम पूरा हो जाए। इसलिए स्टाफ को बुलाकर निर्देशित कर दिया गया है। -अनुज गुप्ता, अधिशासी अभियंता, विद्यत खंड तृतीय
स्टेडियम रोड का काम तेजी से पूरा कराने की कोशिश चल रही है। वन विभाग से पेड़ों को जल्द ही ट्रांसलोकेट करने के लिए संपर्क साधा जा रहा है। जो बाधाएं हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। -बीके सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम
स्टेडियम रोड पर कुल 28 पेड़ काटे जाने हैं और 58 पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जाना है। इनमें से 47 पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जा चुका है। केवल 11 पेड़ ट्रांसलोकेट होने से बचे हैं। शहर में कई जगह ट्रांसलोकेशन का कार्य किया जा रहा है, कई तरह की दिक्कतें भी पेश आ रही हैं। सड़क का व्यस्त रहना और बिजली विभाग द्वारा कई बार शटडाउन नहीं मिलना बड़ी वजह है। -वैभव चौधरी सदर वन रेंजर
