हरदोई: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिली तकनीकी प्रशिक्षण, जानें पूरा मामला…
हरदोई। अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों की पहचान, उनके प्रबंधन और ऑनलाइन ट्रैकिंग के सम्बंध में आईसीडीएस विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का नारायण बालिका डिग्री कॉलेज, बावन के सभागार में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी प्रशिक्षण में खण्ड परियोजना समन्वयक अनुपम पाण्डेय ने बताया कि यूनिसेफ एवं वर्ल्ड विजन इंडिया के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण …
हरदोई। अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों की पहचान, उनके प्रबंधन और ऑनलाइन ट्रैकिंग के सम्बंध में आईसीडीएस विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का नारायण बालिका डिग्री कॉलेज, बावन के सभागार में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी प्रशिक्षण में खण्ड परियोजना समन्वयक अनुपम पाण्डेय ने बताया कि यूनिसेफ एवं वर्ल्ड विजन इंडिया के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में सैम बच्चों की पहचान एवं प्रबंधन, मातृ एवं नवजात शिशु संबंधी पोषण ट्रैकर एप पर सूचनाओं की फीडिंग कर सैम बच्चों का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
ये खबर भी पढ़ें- भाजपा महासचिव विजयवर्गीय ने बोली बड़ी बात- अगर दिग्विजय गोमांस खाना उचित मानते हैं तो नाम बदलकर रख लें ‘दिग्विजय खान’
सैम बच्चों को स्क्रीनिग के बाद उनके बेहतर उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र / एनआरसी रिफर करना व उनका प्रबंधन समुदाय स्तर पर भी किया जाएगा तथा संदर्भित बच्चों की जानकारी ई-कवच एप पर भी दर्ज करनी हैं। साथ ही आंगनवाडी कार्यकर्ताओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना का लाभ लाभार्थियों को नहीं पहुंच रहा है।
ब्लॉक परियोजना समन्वयक अनुपम पाण्डेय ने सामान्य, अल्पवजन, नाटापन और अति गम्भीर कुपोषित बच्चों के बीच के अंतर को समझाया। वहीं ब्लॉक सह समन्वयक पुष्पा देवी ने पोषण ट्रैकर एप्प में आ रही समस्याओं की जानकारी दी।
प्रभारी सीडीपीओ किरन देवी ने कहा कि प्रशिक्षण में दी गयी जानकारी का लाभ सभी आँगनबाड़ी अपने कार्य को और बेहतर बनाने में सहायक होगा।
ये खबर भी पढ़ें- अफ्रीकी देश कांगो में आत्मघाती धमाके के बाद अधिकारियों को और हमलों की आशंका, बचाव के लिए तैयारियां तेज
