कोरोना के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई महाराष्ट्र की चिंता, टीकाकरण की गति बढ़ाने पर दिया जोर
मुम्बई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर सोमवार चिंता प्रकट की तथा नये स्वरूप ओमीक्रोन के चलते उत्पन्न नये संकट की आशंका के बीच कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए टीकाकरण की गति तेज करने एवं प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्रिमंडल की बैठक में …
मुम्बई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर सोमवार चिंता प्रकट की तथा नये स्वरूप ओमीक्रोन के चलते उत्पन्न नये संकट की आशंका के बीच कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए टीकाकरण की गति तेज करने एवं प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्रिमंडल की बैठक में बताया गया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या पिछले 20 दिनों में करीब 50 प्रतिशत बढ़ गयी है। राज्य में 26 दसंबर को कोविड-19 के 9813 उपचाराधीन मरीज थे।
दक्षिण मुम्बई के विधानभवन में हुई मंत्रिमंडल की इस बैठक में डिजिटल माध्यम से हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकर ने से कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए एक-दो दिन में कोविड-19 कार्यबल की बैठक बुलायी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार ठाकरे ने इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सतर्कता बरतने एवं प्रभावी कदम उठाने का सुझाव दिया। बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल ने पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में हुई वृद्धि पर चिंता प्रकट की।
स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने मंत्रिमंडल के सामने एक प्रस्तुति जिसमें उन्होंने कहा कि जनवरी में उपचाराधीन रोगियों बढ़ने की आशंका है। व्यास ने कहा कि समय की मांग है कि टीकाकरण की गति बढ़ायी जाए और कुछ दिनों पहले राज्य में एक दिन में टीके की आठ लाख खुराक दी गयी लेकिन अब वह घटकर पांच लाख हो गयी है।
उन्होंने कहा कि आठ दिसंबर को महाराष्ट्र में कोविड-19 के 6200 रोगी उपचाराधीन थे लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर करीब 10000 हो गयी है तथा संक्रमण दर 1.06 प्रतिशत है। व्यास ने कहा कि 26 दिसंबर को कोरोना वायरस के 1648 नये मामले सामने आये । बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में टीकाकरण को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।
