मुरादाबाद : राम नाम पर दारोमदार, सपा पर तीखा प्रहार
आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। भाजपा के चुनावी चाणक्य और गृह मंत्री अमित शाह ने रामगंगा की धारा को प्रणाम करके सभा शुरू की और जय-जय श्रीराम के नारे से बात पूरी की। 19 मिनट के संबोधन में समाजवादी पार्टी को चारों ओर से घेरा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को माफिया का सरपरस्त और आतंकियों …
आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। भाजपा के चुनावी चाणक्य और गृह मंत्री अमित शाह ने रामगंगा की धारा को प्रणाम करके सभा शुरू की और जय-जय श्रीराम के नारे से बात पूरी की। 19 मिनट के संबोधन में समाजवादी पार्टी को चारों ओर से घेरा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को माफिया का सरपरस्त और आतंकियों के चाहने वाला तक कह दिया। मुरादाबाद में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मुलायम सिंह यादव के बलात्कार के मुद्दे पर दिए गए बयान की भी चर्चा कर डाली।

वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में यहां भाजपा के प्रदर्शन को लेकर उनके मन में पीड़ा थी। इसलिए भ्रष्टाचार, पलायन, महिला उत्पीड़न को सिलसिलेवार मुद्दा बनाया। अतीत की ओर लौट गए। कहा, लोग अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के लिए लोग आंदोलन कर रहे थे, तो उन्हें गोलियों से भून डाला गया। समाजवादी सरकार ने भ्रष्टाचार की गंगा बहायी थी। तब नौकरियों के नाम पर बोरे में नोट भरे गए। अब इत्र से नोट जुटायी जा रही है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी को भी निशाने पर रखा। तीन तलाक और धारा 370 के मुद्दे पर सरकार के प्रयास की विस्तार से चर्चा की। बिना नाम लिए इसके विरोध करने वालों को रेखांकित किया। कहा तीन तलाक पर कानून बना तो ऐसे लोगों के पेट में दर्द हुआ। सांसद आजम खान से जेल में अखिलेश यादव की मिलने की चुटकी ली। उन्हें आतंक समर्थक तक कह डाला। वेस्ट यूपी के पलायन का मुद्दा उठाया। बहुसंख्यक लोगों को लामबंद करने हुए यहां तक कह दिया कि मुरादाबाद वाले चूके तो जेल में बंद सांसद आजम खान बाहर आ जाएंगे।

10 अप्रैल 2014 को मुलायम ने दिया था बयान
साल 2014 के लोक सभा चुनाव प्रचार में तत्कालीन सपा प्रमुख शहर के राजकीय इंटर कालेज में सभा करने आए थे। उस समय रेप पीड़िता के फंदे पर झूलकर जान देने की घटना चर्चा में थी। मीडिया ने उनसे सवाल दागा था कि सपा के शासन काल में ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। इस मुद्दे पर महिला संगठनों ने आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग तेज की थी। तब सपा प्रमुख ने कहा था कि नई उम्र में ऐसी गलतियां हो जाती हैं। ऐसे मामलों में फांसी की बात ठीक नहीं है। उस समय इस मामले पर हंगामा मचा था और मुलायम सिंह की निदा भी हुई थी।

शायरी सुना लुभाते रहे नेता
मंच से अपने संबोधन में कई नेता शायरी सुना कर लोगों को आकर्षित करने में जुटे रहे। अपने शायराना अंदाज से ऐसे नेताओं ने विरोधियों पर हमले भी किए। भाजपा के एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त ने भी शायरी सुनाकर विरोधियों को घेरा।
संयुक्त रूप से संचालन
विधान परिषद सदस्य जयपाल सिंह व्यस्त और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य गिरीश वर्मा ने जन विश्वास सभा के मंच का संयुक्त रूप से संचालन किया।
प्यास लगने पर भटके
भगवा लहराएंगे गाने पर खूब नाचने वाले कार्यकर्ताओं का जब गला सूखने लगा तो वह पानी के लिए भटकने लगे, सभा स्थल पर कहीं भी पीने के पानी का प्रबंध आसपास न होने से कार्यकर्ताओं को मायूसी भी हो रही थी।
