कानपुर: कलयुगी पुत्र व उसकी पत्नी ने मां को कई दिनों तक दिया भोजन

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कानपुर। पुत्र और पुत्र वधु की प्रताड़ना से परेशान एक 80 वर्षीय बुर्जुग महिला ने प्रेस क्लब में एक वार्ता कर अपनी आप बीमी सुनाई कि किस तरह से उसकी अपनी औलाद ही उसके जान की दुश्मन बन गई है। 80 वर्षीय वृद्ध विकलांग व विधवा महिला शकुन्तला श्रीवास्तव के पति स्व. होरी लाल श्रीवास्तव …

कानपुर। पुत्र और पुत्र वधु की प्रताड़ना से परेशान एक 80 वर्षीय बुर्जुग महिला ने प्रेस क्लब में एक वार्ता कर अपनी आप बीमी सुनाई कि किस तरह से उसकी अपनी औलाद ही उसके जान की दुश्मन बन गई है। 80 वर्षीय वृद्ध विकलांग व विधवा महिला शकुन्तला श्रीवास्तव के पति स्व. होरी लाल श्रीवास्तव रेलेव से रिटायर्ड थे। बुर्जुग महिला ने बताया कि उसका छोटा पुत्र वीरेंद्र श्रीवास्तव जो कि यूपी रोडवेज में संविदा परिचालक के पद पर कार्यरत है। उसने वर्ष 2009 में प्रतिभा से प्रेम विवाह किया था।

पति को बाबूपुरवा में श्रम कालोनी मिली हुई है जिसको हडपने के लिये उसकी बहू प्रतिभा और पुत्र वीरेन्द्र उसको मारते पीटते है और कई दिनों तक खाना भी नहीं देते है। पड़ोस में रहने वाले जब बुर्जुग महिला को खाना देते है तो वह उनसे भी लड़ाई करता है। इसके  बारे में कई बार पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन पुलिस ने कोई भी कार्यवाही नहीं की। बुर्जुग महिला ने पुत्र व पुत्रवधू पर आरोप लगाया कि वह लोग उसके साथ बुरा बर्ताव करते है और मानसिक उत्पीड़न करते है।

बुजुर्ग महिला ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उसने एसडीएम सदर की कोर्ट में बेदखली का वाद सितंबर 2019 में दाखिल किया तो वीरेन्द्र नेे अपनी पत्नी से दबाव बना कर बुर्जुग महिला पर घरेलू हिंसा का वाद दाखिल करवा दिया। पीडित बुर्जुग महिला समय-समय पर प्रार्थना पत्र देकर उचित अधिकारियों से प्रार्थना की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुर्जुग महिला ने कहा कि पुत्र वीरेन्द्र व पुत्रवधू प्रतिभा उससे छुटकारा पाने के लिय किसी भी हद तक जा सकते है।

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