बरेली: शोध निदेशक की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का प्रयास

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बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोध निदेशक प्रो. सुधीर कुमार के नाम से ठगी के प्रयास का मामला सामने आया है। साइबर ठग ने शोध निदेशालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर शिक्षकों के पास ईमेल किए और उनसे शोध निदेशक के लिए गिफ्ट व रुपये की मांग की। यहां तक कि फर्जी …

बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोध निदेशक प्रो. सुधीर कुमार के नाम से ठगी के प्रयास का मामला सामने आया है। साइबर ठग ने शोध निदेशालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर शिक्षकों के पास ईमेल किए और उनसे शोध निदेशक के लिए गिफ्ट व रुपये की मांग की। यहां तक कि फर्जी मेल शोध निदेशक के पास भी पहुंचा। कई शिक्षकों ने इसकी शिकायत शोध निदेशक से की। अब मामले की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन के माध्यम से पुलिस से की जाएगी। शोध निदेशक ने सभी शिक्षकों से कहा कि फर्जी ई मेल पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की धनराशि किसी खाते में ट्रांसफर न करें।

विश्वविद्यालय में नेहरू युवा केंद्र में शोध निदेशालय की स्थापना की गई है। विश्वविद्यालय में कुछ दिनों पहले ही शोध सुपरवाइजर बनाये गए हैं। पहले इसके लिए आवेदन शुल्क रखा गया था लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया था। अब भी शोध सुपरवाइजर बनाये जा रहे हैं। शोध निदेशक प्रो. सुधीर कुमार ने बताया कि कुछ शिक्षकों के पास शोध सुपरवाइजर बनाने के नाम पर ईमेल किया गया है।

यह ईमेल मैनेजिंग डायरेक्टर के नाम से फर्जी बनाया गया है जिसमें उनके नाम का भी इस्तेमाल किया गया। उनके पास भी यह ईमेल पहुंचा है। इस ईमेल में लिखा है कि जिसमें फेवर मांगा गया है और जल्द से जल्द मेल करने की बात लिखी है। मेल में रिगार्ड में शोध निदेशक प्रो. सुधीर कुमार भी लिखा है। पादप विज्ञान के डा. आलोक श्रीवास्वत ने बताया कि उनके पास भी ईमेल भेजा गया। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी शोध निदेशक को दी।

पहले भी ठगी के प्रयास हुए
कुछ दिनों पहले ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों के पास केवाईसी कराने के नाम पर फोन किए गए थे। यह फोन विश्वविद्यालय में स्थापित बैंक के ब्रांच मैनेजर बनकर किए गए थे। जिसमें एक शिक्षक ने रकम भी ट्रांसफर कर दी थी।

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