फेसबुक-व्हाट्सऐप को राहत, गोपनीयता नीति के मामले में जवाब दाखिल करने के लिए मिला समय
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की दो नोटिसों पर फेसबुक और व्हाट्सऐप की जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी। आयोग ने त्वरित संदेश ऐप की नयी गोपनीयता नीति की जांच के आदेश दिये हैं। व्हाट्सऐप और फेसबुक ने सीसीआई के क्रमशः चार और आठ जून, 2021 …
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की दो नोटिसों पर फेसबुक और व्हाट्सऐप की जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी। आयोग ने त्वरित संदेश ऐप की नयी गोपनीयता नीति की जांच के आदेश दिये हैं। व्हाट्सऐप और फेसबुक ने सीसीआई के क्रमशः चार और आठ जून, 2021 के नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उनसे जांच के उद्देश्य से कुछ जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि डेटा संरक्षण विधेयक को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसके साथ ही इसने कार्यवाही 30 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। दो-सदस्यीय पीठ एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ फेसबुक और व्हाट्सऐप की अपील पर सुनवाई कर रही है।
एकल न्यायाधीश ने सीसीआई के आदेश के खिलाफ याचिकाओं को निरस्त कर दिया था। व्हाट्सऐप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील दी थी कि डेटा संरक्षण विधेयक संसद में पेश किया गया था और अदालत ने पहले 11 अक्टूबर, 2021 तक नोटिस का जवाब दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन उसके बाद इसे बढ़ाया नहीं जा सका क्योंकि मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
सीसीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने दलील दी कि डेटा संरक्षण विधेयक इस विवाद के लिए अ”प्रासंगिक” है और यह मामला ‘गोपनीयता’ से संबंधित नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों के दुरुपयोग से है। इस बीच, फेसबुक इंडिया के वकील ने दलील दी कि उन्होंने एक आवेदन दायर कर मामले में पक्षकार बनाने का अनुरोध किया है। हालांकि, अदालत ने उन्हें एक नई याचिका दायर करने का निर्देश दिया।
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