कानपुर: चोरी का आरोपी थाने से फरार, पीड़िता ने पुलिस पर लगाया ये गंभीर आरोप
कानपुर। गोविंदनगर थाने से चोरी का आरोपी फरार होने पर दबौली की मिथलेश कुमारी ने पुलिस पर आरोपी के साठगांठ कर भगाने का गंभीर आरोप लगाया। मिथलेश कुमारी एक जनवरी को अपनी मिलने वालों के यहाँ गयी थी तभी किसी ने सूचना दी कि आपके घर का ताला टूटा हुआ है घर पहुँची तो होश …
कानपुर। गोविंदनगर थाने से चोरी का आरोपी फरार होने पर दबौली की मिथलेश कुमारी ने पुलिस पर आरोपी के साठगांठ कर भगाने का गंभीर आरोप लगाया। मिथलेश कुमारी एक जनवरी को अपनी मिलने वालों के यहाँ गयी थी तभी किसी ने सूचना दी कि आपके घर का ताला टूटा हुआ है घर पहुँची तो होश उड़ गए पूरा घर अस्त व्यस्त था अलमारी और बक्सा का ताला तोड़कर 25 हजार नगर और लगभग 2 लाख का जेवर ग़ायब था, चोरी की घटना की जानकारी पाकर आस पास के लोग इकट्ठे हो गए।
तभी पडोस में रहने वाली आशा गुप्ता घर आयी और एक डब्बा देते हुए बोली आपके घर से समान मेरा छोटा बेटा विकास गुप्ता ले गया है। उसके वापस आने पर आपका सब समान वापस मिल जाएगा जिससे ये सुनिश्चित हो गया कि चोरी विकास ने की है। जिसके बाद विकास को ढूढ़ना शुरू किया, तभी विकास को रविदास पुरम गुजैनी में पकड़ में आ गया जिसे रतनलाल नगर चौकी इंचार्ज को सौप दिया जहाँ से उसे गोविंद नगर थाना ले गए, जहाँ पीड़ित के अनुसार एसएचओ गोविंदनगर ने अपने केबिन में पीड़ित के सामने विकास से पूछताछ की जिस पर विकास ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त विक्की के साथ घटना को अंजाम दिया है और चोरी का माल अपने घर पर छुपाकर रखा है जिसके बाद थाना पुलिस माल बरामदगी के लिए उसे अपने साथ लेकर उसके घर चली गयी।
पीड़िता के अनुसार उसके बाद से पुलिस के सुर बदल गए और कार्यवाही के बारे में पूछने पर बोले पूछताछ चल रही है फिर इंस्पेक्टर रोहित तिवारी बोले की विकास थाने से भीड़ का फायदा उठाकर थाने से कही चला गया है। जल्द ही उसे ढूढ़ लिया जाएगा। मामले में एसीपी गोविंदनगर विकास पाण्डेय ने बताया कि भीड़ का लाभ उठा कर चोरी का नामदर्ज आरोपी विकास गुप्ता थाने से फ़रार हो गया है। पुलिस आरोपी विकास के फरार होने के बाद पुलिस कमिश्नर के यहाँ गुहार लगाने पहुँचे तो वहाँ से डीसीपी साउथ के यहाँ भेज दिया गया जिसके बाद डीसीपी साउथ रवीना त्यागी से मिली लेकिन उसके बावजूद कोई कार्यवाही नही हुई न ही चोर पकड़े गए और न ही चोर को छोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर कोई कार्यवाही हुई।
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