बरेली: मैराथन दौड़ का पुरस्कार नहीं मिला तो फूट-फूटकर रोईं लड़कियां

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बरेली, अमृत विचार। कांग्रेस की मैराथन दौड़ में मंगलवार को भगदड़ मचने के बाद जमकर फजीहत हुई थी। अगले दिन भी कांग्रेस की तरफ से जिला कार्यालय पर होने वाले पुरस्कार वितरण में भी जमकर हंगामा हुआ। लड़कियों का आरोप है कि विजेता की सूची से ही उनका नाम काट दिया गया। उसके बाद कई …

बरेली, अमृत विचार। कांग्रेस की मैराथन दौड़ में मंगलवार को भगदड़ मचने के बाद जमकर फजीहत हुई थी। अगले दिन भी कांग्रेस की तरफ से जिला कार्यालय पर होने वाले पुरस्कार वितरण में भी जमकर हंगामा हुआ। लड़कियों का आरोप है कि विजेता की सूची से ही उनका नाम काट दिया गया। उसके बाद कई लड़कियां पुरस्कार नहीं मिलने पर फूट-फूटकर रोने लगीं। किसी तरह लड़कियों को कांग्रेस के नेताओं ने शांत कराया। वहीं पुरस्कार पाने की चाहत में लड़कियां सुबह से लेकर शाम तक भूखे प्यासे रहकर इंतजार करती रहीं।

लड़की हूं, लड़ सकती हूं के तहत मंगलवार को कांग्रेस की तरफ से बिशप मंडल इंटर कॉलेज में मैराथन दौड़ का आयोजन कराया गया था। जिसके बाद दौड़ शुरू होने के बाद आगे निकलने की चाहत में मैदान के बाहर भगदड़ मचने से अफरा-तफरा मच गई थी। भीड़ में दबकर कई लड़कियां चोटिल हो गई थीं। उसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया था लेकिल मंगलवार को हुई कांग्रेस की मैराथन में मची भगदड़ के बाद कांग्रेसियों ने सबक नहीं लिया।

जिसके चलते बुधवार को आयोजित पुरस्कार वितरण में छात्राओं ने हंगामा किया। दरअसल में बुधवार को कांग्रेसियों ने मैराथन में भाग लेने वाली दर्जनों प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण के लिए पार्टी कार्यालय पर बुलाया। जिसके बाद मैराथन में टॉप 20 प्रतिभागियों को स्मार्ट वाच और 1000 को मेडल दिए जाने थे। छात्राओं ने पुरस्कार वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। इसके साथ आपस में धक्का मुक्की भी शुरू कर दी। उनका आरोप है कि सूची में वे नाम शामिल कर दिए गए हैं जो प्रतिभागी मैदान पर नहीं थे।

भूख से तड़पे बच्चे तो बिस्किट बांटे
सुबह से ही पुरस्कार के लिए कांग्रेस कार्यालय पर पहुंची लड़कियां दोपहर के बाद भूख से बेहाल हो गईं। उसके बाद उन्होने शाम को करीब 4 बचे जमकर हंगामा काटा। जिसके बाद कांग्रेस के नेताओं ने लड़कियों को बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतल बांटी। वहीं लड़कियों के साथ उनके परिजन तो महिलाओं के साथ आए उनके बच्चे भी भूख से परेशान होते रहे।

वर्जन–
विजेता लड़कियों को कांग्रेस कार्यालय पर बुलाकर उन्हे उनका पुरस्कार का वितरण कर दिया गया। हंगामे जैसी कोई बात नहीं है। पुरस्कार वितरण शांतिूपर्ण तरीके से समाप्त हुआ है।   –मिर्जा अशफाक सकलैनी, जिलाध्यक्ष

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