बरेली: ‘मुसलमान अब नहीं उठाएगा राजनीतिक धर्मनिर्पेक्षता का जनाजा’
बरेली, अमृत विचार। आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन के प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने बरेली के मैथोडिस्ट इंटर कॉलेज के मैदान में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित किया। अपने चिर परिचित अंदाज में ओवैसी एक के बाद एक भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि संविधान की धर्मनिर्पेक्षता …
बरेली, अमृत विचार। आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन के प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने बरेली के मैथोडिस्ट इंटर कॉलेज के मैदान में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित किया। अपने चिर परिचित अंदाज में ओवैसी एक के बाद एक भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर बरसे।
उन्होंने कहा कि संविधान की धर्मनिर्पेक्षता तो जिंदा है लेकिन तथाकथित धर्मनिर्पेक्ष पार्टियों ने राजनीतिक धर्मनिर्पेक्षता को दफना दिया है और अब मुसलमान इस राजनीतिक धर्मनिर्पेक्षता का जनाजा नहीं उठाएगा। हम केवल बाबा साहब आंबेडकर के बताए सेक्युलिरज्म को मानेंगे। मुसलमानों के वोट के पीछे पार्टियां ऐसे पड़ी हैं, जैसे किसी के बाप का खजाना हो।
असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी भी प्रदेश में चले जाएं मुसलमान हर जगह सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी है, लेकिन मुसलमानों के वोट की अब कोई अहमियत नहीं छोड़ी गई है। यूपी में 2 फीसदी भी ऐसे मुसलमान नहीं, जिनके पास 2 एकड़ जमीन हो। 71 फीसदी मुसलमानों के बच्चे या तो अनपढ़ हैं या फिर प्राथमिक तक पढ़े हैं।
यूपी में भाजपा को मुसलमानों के वोट की जरूरत नहीं है। संसद में भाजपा का एक भी मुसलमान सांसद नहीं और न यूपी में कोई मुसलमान विधायक है। सपा को लगता है कि मुसलमान उसको छोड़कर कहां जाएगा। स्थिति यह हो गई है कि मुसलमान दोनों तरफ से पिस रहा है।
समाजवादी पार्टी धर्मनिर्पेक्षता के नाम पर आजकल मुशायरे करा रही है, जहां गंगा-जमुनी तहजीब के शेर पढ़े जाते हैं। इन पार्टियों को हम तकलीफ बताएंगे तो कहा जाएगा कि अगर हम तुम्हारे समर्थन में बोले तो हमें हिंदू वोट नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में केवल नफरत फैलाने वालों का विकास हुआ है। अब न मोदी-योगी से डरेंगे और न ही अखिलेश की दिल फरेब बातों में आएंगे। उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश में अपने लिए नहीं, बल्कि मुसलमानों की लड़ाई लड़ने के लिए आया हूं।
