बरेली: हजरत फातिमा की याद में आज होगी अंतिम मजलिस
बरेली, अमृत विचार। शहजादी-ए-कौनैन हजरत फातिमा की शहादत पर कारवान-ए-अदब की जानिब से मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके चलते चौथी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली रिजवान ने कहा कि दर-ए-सैयदा कायनात का वो वाहिद दर है जहां से फरिश्ते भी रोटियां मांग कर खाते थे। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने …
बरेली, अमृत विचार। शहजादी-ए-कौनैन हजरत फातिमा की शहादत पर कारवान-ए-अदब की जानिब से मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके चलते चौथी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली रिजवान ने कहा कि दर-ए-सैयदा कायनात का वो वाहिद दर है जहां से फरिश्ते भी रोटियां मांग कर खाते थे। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने जो फजीलत मौला अली को बख्शी है वही हजरत फातिमा को भी हासिल है।
आपके दर से कभी भी कोई मांगने वाला खाली हाथ नहीं लौटा। शहजादी ने खुद भूखे रहकर गरीबों को खाना तकसीम किया। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब ने हजरत फातिमा को अपने जिगर का टुकड़ा बताते हुए दुनिया वालों को उनकी फजीलत से वाकिफ कराया। लेकिन इसके बावजूद उसी रसूल की बेटी पर इतने जुल्म ढाए गये कि वो अपने बाबा को याद करते-करते इस दुनिया से रुखसत हो गयी।
मजलिस के बाद अंजुमन आल इंडिया गुलदस्ते हैदरी ने नौहख्वानी और सीना जनी की। समर अब्बास जैदी ने बताया कि बीते सोमवार से शुरू हुए मजलिसों के सिलसिले की आखिरी मजलिस शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। जिसके बाद शहजादी फातिमा के ताबूत की जियारत कराई जाएगी।
