बरेली: आईटी पार्क को मिली जमीन, राज्यपाल के नाम बैनामा
बरेली, अमृत विचार। विधानसभा के चुनावी समर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली के जनप्रतिनिधियों की फरियाद सुन ली और चार माह से लटकी आईटी पार्क/साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के लिए चयनित भूमि की रजिस्ट्री हो गयी, लेकिन रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया बड़े अफसर की चौखट पर पूरी की गई। रजिस्ट्री कार्यालय से अधिकारी और फोटो …
बरेली, अमृत विचार। विधानसभा के चुनावी समर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली के जनप्रतिनिधियों की फरियाद सुन ली और चार माह से लटकी आईटी पार्क/साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के लिए चयनित भूमि की रजिस्ट्री हो गयी, लेकिन रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया बड़े अफसर की चौखट पर पूरी की गई।
रजिस्ट्री कार्यालय से अधिकारी और फोटो के साथ अंगूठे का निशान लेने के लिए वेब कैमरा, थंब इंप्रेशन भी अधिकारी के पास ले जाए गए। डीड से लेकर विक्रय पत्र पहले ही तैयार हो चुके थे। सिर्फ औपचारिकता पूरी की गयी। अब आईटी पार्क बनने का रास्ता पूर्णत: साफ हो गया है। बंगला नंबर 10 की करीब 8000 वर्ग मीटर भूमि पर आईटी पार्क स्थापित कराया जाएगा। इसके निर्माण में करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है। विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद शिलान्यास कराया जाएगा।
संयुक्त सचिव बरेली पहुंचे तो मंडलायुक्त ने कराई रजिस्ट्री
सीबीगंज स्थित दि इंडियन टर्पेन्टाइन एंड रोजिन कंपनी लिमिटेड (आईटीआर) के भवन खंडहर हो चुके हैं। दो दशक से यह फैक्ट्री बंद पड़ी है। इसके प्रबंध निदेशक मंडलायुक्त हैं। बुधवार को मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने बतौर आईटीआर के प्रबंध निदेशक रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया की।
विक्रय विलेख के अनुसार आर रमेश कुमार पुत्र पी रामालिंगम (मंडलायुक्त, प्रबंध निदेशक आईटीआर के नामित अधिकारी) निवासी सिविल लाइंस ने भूमि की रजिस्ट्री राज्यपाल के नाम की। इसमें राज्यपाल की ओर से बराती लाल पुत्र बबोले संयुक्त सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग निवासी जानकी पुरम विस्तार लखनऊ ने प्रक्रिया पूरी की।
18 दिसंबर को योगी के समक्ष उठाया गया था आईटी पार्क का मामला
भूमि खरीदने के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग की ओर से 10 करोड़ रुपये की धनराशि पहले ही शासन को जारी की गयी। 24 अगस्त 2021 को धनराशि जारी की गयी थी लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के चेंजओवर के दौरान जब बरेली आए तो एयरफोर्स में मुलाकात के दौरान शहर विधायक डा अरुण कुमार समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने टैक्सटाइल पार्क और आईटी पार्क का मामला उठाया।
योगी को बताया कि आईटी पार्क की रजिस्ट्री लटकी हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सचिव उज्जवल कुमार ने उद्योग निदेशक कानपुर को भूमि के विक्रय विलेख को निबंधन कराने के लिए निबंधन शुल्क की 10 लाख रुपये धनराशि जारी की। 21 दिसंबर को चिट्ठी गयी थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार के काफी प्रयास के बाद आईटी पार्क को कैबिनेट से मंजूरी मिली थी।
उद्यमियों को व्यवसाय प्रारंभ करने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे
बरेली शहर में बीसीए, एमसीए, बीटेक, एमबीए और मैनेजमेंट के कोर्स कराने वाले कई कॉलेज हैं। इसलिए आईटी पार्क बरेली में स्थापित कराने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए थे। इसके बनने के बाद बरेली का कंप्यूटर के बाजार में भी दबदबा बढ़ेगा। यहां के उद्यमियों को कंप्यूटर एक्सपर्ट के लिए दूसरे शहर और विदेशों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। आईटी पार्क से क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ उद्यमियों को व्यवसाय प्रारंभ करने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया से भी जुड़ा हुआ है।
शहर विधायक ने नेताओं के साथ आईटी पार्क की भूमि का निरीक्षण किया
सीबीगंज की बंद पड़ी आइटीआर फैक्ट्री की जमीन पर जल्द आईटी पार्क का निर्माण शुरू कराने के लिए शिलान्यास होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार और शहर विधायक डॉ अरुण कुमार के प्रयास से आईटी पार्क बनाने का रास्ता साफ हो गया। बंगला नंबर 10 की जमीन पर आईटी पार्क बनेगा।
बैनामा होने के बाद गुरुवार को शहर विधायक डॉ अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय, एडवोकेट अनिल कुमार भाजपा के सीबीगंज मंडल अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश लोधी, पार्षद दीपक सक्सेना, उदित सक्सेना, कुलदीप सक्सेना, सोमेश्वर प्रसाद, राजन श्रीवास्तव, बहोरन लाल वाल्मीकि, योगेंद्र कुमार के साथ खरीदी गयी भूमि पर पहुंचे और आईटी पार्क की जमीन का मौका मुआयना किया। शहर विधायक ने जल्द भूमि पर निर्माण शुरू कराने की बात कही। आइटीआर की रामपुर रोड किनारे कीमती जमीन खाली पड़ी हुई है। पूर्व में इसी जमीन के कुछ हिस्से में ईएसआइसी अस्पताल का निर्माण शुरू हुआ है।
