केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना संक्रमितों के लिए जारी की गाइडलाइन
रायबरेली। कोरोना एक बार फिर से पांव पसारने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना संक्रमित मरीजों के होम आइसोलेशन के बारे में गाइडलाइन जारी की है। जिले का स्वास्थ्य महकमा इसी अनुसार खुद को तैयार कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.वीरेंद्र सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों …
रायबरेली। कोरोना एक बार फिर से पांव पसारने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना संक्रमित मरीजों के होम आइसोलेशन के बारे में गाइडलाइन जारी की है। जिले का स्वास्थ्य महकमा इसी अनुसार खुद को तैयार कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.वीरेंद्र सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार कम लक्षण और लक्षण विहीन कोरोना संक्रमित के होम आइसोलेशन की अवधि कम कर दी गई है| कोरोना पॉजिटिव होने के सात दिन के बाद और लगातार तीन दिन तक बुखार न आने पर होम आइसोलेशन समाप्त हो जाएगा। होम आइसोलेशन की अवधि खत्म होने के बाद कोरोना टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी।
बिना लक्षण वाले मरीजों के बारे में बताया गया है कि जिनका कोविड टेस्ट तो पॉजिटिव आया है लेकिन उन्हें कोई लक्षण नहीं हैं। जबकि कम लक्षण वाले वह मरीज हैं जिन्हें खांसी और बुखार के लक्षण हों। दोनों ही मामलों में आक्सीजन स्तर 93 से कम नहीं होना चाहिए।
होम आइसोलेशन में उन्हीं मरीजों को रखा जाएगा जिन्हें स्वास्थ्य अधिकारी माइल्ड या बिना लक्षण वाले मरीज के रूप में पुष्टि करेंगे। ऐसे मरीज के घर में एक अलग हवादार कमरा के साथ अलग शौचालय होना जरूरी है। मरीज की देखभाल करने के लिए एक व्यक्ति हो जिसे कोविड टीके की दोनों डोज लगी हो। मरीज तीन लेयर वाले मेडिकल मास्क का उपयोग हमेशा करे तथा हर आठ घंटे बाद नए मास्क का उपयोग किया जाये। मरीज पल्स आक्सीमीटर के साथ ऑक्सीजन स्तर और शरीर के तापमान की जांच स्वयं करेंगे।
वहीं पैरासिटामॉल के सेवन से भी बुखार नहीं उतरता है तो डाक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कैंसर, एचआईवी और ट्रांसप्लांट के मरीजों को होम आइसोलेशन की इजाजत नहीं है यदि उनके डाक्टर होम आइसोलेशन की अनुमति देते हैं तभी वह होम आइसोलेशन में रह पाएंगे। उच्च रक्तचाप, हृदय की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, फेफड़े की बीमारी, लिवर की बीमारी सेरिब्रल और वस्कुलर की बीमारियों से ग्रसित मरीज डाक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रह पाएंगे।
तीन बार भाप व गरारा जरूरी
कोरोना संक्रमित मरीज दिन में गरम पानी से गरारा या दिन में तीन बार भाप ले सकते हैं | मरीज को बिना डाक्टर की सलाह के स्टेरॉइड का सेवन नहीं करना है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डीएस आस्थाना ने बताया कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। बेवजह घर से बाहर न निकलें| एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए 18 साल से ऊपर की आयु के लोग कोविड के दोनों टीके अवश्य लगवाएं| जिन्होंने टीके की पहली डोज नहीं ली है वह तुरंत ही लें और जिनकी दूसरी डोज का समय आ गया है तो उसे जरूर लगवाएं।
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